Tuesday, December 23, 2014

स्वार्थहीन सेवा का होता है सम्मान : भैया जी जोशी

हरिद्वार (विसंके). सेवा के लिये संवेदनशील अन्तःकरण की आवश्यकता होती है. ईसाइयों की सेवा का हम सम्मान करते हैं. लेकिन उनकी सेवा स्वार्थहीन हो तभी उसका सही सम्मान किया जा सकता है. भारत के पूर्वज सर्वे भवंतु सुखिनः के सिद्धान्त पर चलते रहे और इसका पूरी दुनिया में प्रचार किया. आज हमें अपने पूर्वजों के दिखाये मार्ग पर चलकर दुनिया को राह दिखानी है और भारत को विश्वगुरू बनाने के अपने संकल्प को दृढ़ करना है.
यह कहना है राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह श्री सुरेश (भय्या जी) जोशी का. वे 21 दिसंबर को यहां कुष्ठ रोगियों एवं उनके बच्चों को समर्पित अध्यात्म प्रेरित स्वैच्छिक सेवा संस्थान ‘दिव्य प्रेम सेवा मिशन’ के चिल्ला बैराज स्थित वंदेमातरम् कुंज में आयोजित वार्षिक समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे.
भय्याजी ने कहा कि अपने आस-पास का परिवेश वेदना निर्माण करने वाला दिखाई देता है, अनाचार के मार्ग पर लोग चलते दिखाई देते हैं, हमें ऐसे भारत का निर्माण करना है जो इन सभी कारणों का निराकरण कर सके. उन्होंने कहा कि हिमालय की इन पहाड़ियों में लोग मोक्ष प्राप्त करने आते हैं, लेकिन आशीष जी ने मोक्ष के मार्ग को छोड़कर अपने बन्धुओं की पीड़ा को समझा और इस सेवा कार्य में लगे. भारत का वैभव गौरव कैसे रहेगा इसकी चिन्ता करने की जरूरत है. हमारे पूर्वजों ने सर्वे भवन्तु सुखिनः का उद्घोष किया और अतिथि को भगवान के स्वरूप में देखा उन्होंने कहा कि इसाईइ की सेवा का हम सम्मान करते हैं लेकिन वे स्वार्थहीन सेवा करें. सेवा के लिये संवेदनशील, अन्तःकरण की आवश्यकता होती है.
समारोह की अध्यक्षता करते हुए एमडीएच मसाले के प्रबन्ध निदेशक महाशय धर्मपाल ने बताया कि पैसा मैं अपने लिये नहीं कमाता बल्कि समाज के अच्छे कार्यो को सफल बनाने के लिये कमाता हूं. उन्होंने कहा कि  मेरे जैसा बनना चाहते हो तो मेरी बातों पर अमल करो. हमें यहां आकर बहुत खुशी होती है तथा इन बच्चों को देखकर मन प्रसन्न होता है. योगगुरू स्वामी रामदेव ने कहा कि सृष्टि ने हमारा निर्माण कर दिया, अब हमें सोचना है कि देश के लिये हम क्या कर सकते हैं ? हमारे अन्दर विवेकानन्द दिखाई दे, गौतम और पतंजलि दिखाई दें -ऐसे जीवन का निर्माण करना चाहिये. यहां जो भी आये हैं सभी कामनाओं से मुक्त होकर जायें और एक बच्चे के पालन पोषण का संकल्प लेकर अपने कर्तव्य का निर्वाह करें. उन्होंने कहा कि सेवा, साधना ही स्थायी संपत्ति है जो अनेक जन्मों तक आपके साथ रहेगी .
इस अवसर पर पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि दिव्य प्रेम सेवा मिशन के सेवा कार्य का शब्दों में वर्णन नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि वे आजीवन मिशन के सेवा कार्यों के लिये समर्पित रहेंगे. उन्होंने कहा की राज्याश्रय में रहने वाली संस्थाओं का अस्तित्व शीघ्र समाप्त हो जाता है, लेकिन समाज के सहयोग से संचालित संस्थायें निरन्तर चलती रहती हैं. कार्यक्रम को केन्द्रीय कैबिनेट मंत्री श्री संतोष गंगवार, पूर्व केन्द्रीय मंत्री सतपाल महाराज, प्रभात प्रकाशन के प्रभात कुमार, पूर्व मंत्री शिवप्रताप शुक्ल, उद्योगपति चन्द्रकुमार सोमानी ने भी सम्बोधित किया.
कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ. सम्मेलन में संस्था की विभिन्न कार्ययोजनाओं पर विचार किया गया. संचालन समिति की बैठक में स्वच्छ भारत, विदेश पर्यटन, पर्यावरण, मिशन का आर्थिक प्रबन्धन, एवं अर्ध कुम्भ हरिद्वार सहित आठ प्रस्ताव पारित किये गये.
सेवा मिशन द्वारा चलाये जा रहे हरित भारत अभियान के अन्तर्गत संस्था सदस्यों एवं सहयोगियों द्वारा 11 हजार पौधों का रोपण किया गया. इस अवसर पर कुम्भ 2010 में मिशन द्वारा 12 दिन तक अलग-अलग विषय पर व्याख्यान माला ‘कुम्भ मंथन’ में व्यक्त विचारों का संग्रह संजय चतुर्वेदी द्वारा संपादित ‘कुम्भ आस्था का प्रतीक’ नामक पुस्तक का विमोचन किया गया.
दिव्य प्रेम सेवा मिशन के अध्यक्ष आशीष गौतम एवं संयोजक संजय चतुर्वेदी ने समारोह में आये अतिथियों को मिशन का प्रतीक चिन्ह एवं गंगाजली देकर सम्मानित किया.
इस मौके पर आरएसएस के संयुक्त क्षेत्र प्रचार प्रमुख कृपाशंकर,प्रांत प्रचारक डा. हरीश, विनोद गांधी दिल्ली, संगीत सिंह सोम विधायक, उमेश निगम कानपुर, गिरीश चन्द्र सिन्हा लखनऊ, संजय सिंह इलाहाबाद, महेश चतुर्वेदी इलाहाबाद, वीरेन्द्र सिंह किसान संघ, रामनाथ कोविद सांसद राज्य सभा, प्रदीप कौशिक, विजय पाल सिंह, ज्ञान सिंह नेगी, प्रेम चन्द्र अग्रवाल;विधयक, डॉ. राजकुमार रावत, कुलदीप गुप्ता, जसवीर सिंह, पी0एन0 पाठक, गोपाल कृष्ण फरलिया, राकेश पहलवान, जुगलकिशोर सिंह तिवारी, पुष्पेन्द्र सिंह चंदेल सांसद, पूर्व मंत्री मोहन सिंह गांववासी, डॉ. राममहेश मिश्र, ब्रह्मदेव शर्मा, विधायक आदेश चैहान भाजपा नेता डॉ. अनिल जैन, पूर्व विधायक सुरेश चन्द्र जैन सहित गणमान्य लोग उपस्थित थे. कार्यक्रम का संचालन बृजेश रावत और राजीव गुप्ता ने किया.

परम पूज्य सरसंघचालक तीन दिन के दिल्ली प्रवास पर

Sarsanghchalak ji Delhi Pravasनई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के परम पूज्य सरसंघचालक डॉ. मोहन राव भागवत आगामी 25 से 27 दिसंबर तक दिल्ली में प्रवास करेंगे. छतरपुर स्थित आध्यात्म साधना केन्द्र में तीनों दिन वे संघ की सांगठनिक गतिविधियों को दिशा व गति देने के लिये वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के साथ कई बैठक लेंगे और उन्हें मार्गदर्शन देंगे.
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, दिल्ली के प्रांत प्रचार प्रमुख श्री राजीव तुली ने 23 दिसंबर को यहां जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में यह जानकारी दी. विज्ञप्ति में बताया गया है कि संघ के सरसंघचालक क्षेत्र के अनुसार प्रवास करते हैं. उनके इस प्रवास के दौरान उत्तर क्षेत्र के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन प्राप्त होगा, जिसमें दिल्ली के अलावा पंजाब, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश शामिल हैं.
25 दिसंबर को वे संघ के विविध क्षेत्रों के संगठनों का कार्य देख रहे प्रांत और क्षेत्र स्तर के प्रचारकों की बैठक को संबोधित करेंगे. इन संगठनों में विश्व हिन्दू परिषद, अ. भा. विद्यार्थी परिषद, सेवा भारती और भारतीय जनता पार्टी जैसे संगठन सम्मिलित हैं.
अगले दो दिन परम पूज्य सरसंघचालक शाखा क्षेत्र में कार्य करने वाले वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे.

करनाल में सेवा भारती के प्रांत कार्यालय का उद्घाटन

Udghatan Prant Karyalay Seva Bharatiकरनाल. अखिल भारतीय सहसेवा प्रमुख गुणवंत सिंह कोठारी जी ने कहा कि हमें एकजुट होकर स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं को अपनाना चाहिये तथा उनके बताये हुए दरिद्र नारायण देव भव: के वाक्यों का अनुसरण करना चाहिये. उन्होंने कहा कि सेवा का संस्कार जन्म से मिलता है.
श्री कोठारी जी रविवार, 21 दिसंबर को करनाल में अर्जुन गेट स्थित अभिमन्यु व्यायामशाला में सेवा भारती के नवनिर्मित प्रांत कार्यालय के उद्घाटन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे.
उन्होंने कहा कि आज देश में विकास तो है परन्तु दूसरी तरफ देश में झुग्गी-झोपड़ी विकास के नाम पर प्रश्न चिन्ह भी लगा रही है. हमारे देश में सामाजिक सद्भावना की कमी है. स्पर्श व अस्पर्श की भावनायें गलत है. उन्होंने कहा कि लोगों की सामाजिक मानवता मजबूत होनी चाहिये, तभी गरीब व्यक्ति को समाज की मूलधारा में लाया जा सकेगा. इस अवसर पर सेवा भारती के अखिल भारतीय कोषाध्यक्ष लक्षमण जी माल्या ने सेवा भारती के बारे में जानकारी दी और कहा कि सेवाभारती देश में जरूरतमंद परिवार के लोगों को किसी न किसी रूप में सेवा करने तथा उन्हें संस्कारों से जोड़ने का काम कर रही है.
unnamedहरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि हमारा दायित्व समाज के अंत में खड़े हुए व्यक्ति को आगे बढ़ाना है. यह कार्य समाज में सामाजिक समरसता व समानता लाकर ही पूरा किया जा सकता है. समाज के हर वर्ग को चाहिये कि समुचित विकास में सरकार का सहयोग दें. उन्होंने कहा कि हमारी सेवा का उद्देश्य वहां पर दीप जलाना है, जहां पर अभी भी अन्धेरा है. इसके लिये समाज के सभी वर्गों को बिना किसी भेदभाव के आगे आने की जरूरत है. हमारा समाज कई वर्गो में बंटा है,यह सभी वर्ग अपनी व्यवस्था अपने आप चलाते हैं. कुछ वर्ग ऐसे शब्दों का प्रयोग करते हैं, जिनसे हृदय को ठेस पहुंचती है. समाज में किसी व्यक्ति को पिछड़ा, दलित, अति दलित ,कमजोर व गरीब कहें तो काफी रूढ़ लगता है. जबकि ऐसा शब्द व्यक्ति के सम्मान को भी ठेस पहुंचाता है. हमारा मकसद केवल इतना होना चाहिये कि समाज का कोई व्यक्ति शिक्षा, विकास, स्वास्थ्य, संस्कार आदि से यदि पिछड़ जाता है तो हमें सेवाभाव से उस व्यक्ति को समाज की मूलधारा में जोडऩा चाहिये,ना कि ऐसे व्यक्ति को वर्गों में बांटना चाहिये.
उन्होंने कहा कि मनुष्य को पूरे विश्व को अपना परिवार मानना चाहिये और जहां वह रह रहा है, उसका दायित्व है कि वह अपने आस-पास रह रहे परिवारों की सेवा करे. यह एक साइफन का रूप है. सरकार की समाज से अलग भूमिका होती है. व्यक्ति की छ: आवश्यकतायें हैं जिनमें रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा, स्वास्थ्य, जिन्हें सरकार दे सकती है,परन्तु छठी चीज सम्मान को शायद सरकार न दे सके, उसे सामाजिक संगठन बखूबी दे सकते है. जब तक मनुष्य स्वयं अपने पैरों पर खड़ा नहीं होगा तब तक उसे सम्मान नहीं मिल सकता. जरूरत की सभी चीजें आपसी सहयोग व सरकार से मिल सकती है, इन्हें प्राप्त करने के लिये हाथ फैलाने की जरूरत है, परन्तु कभी भी समाज में हाथ फैलाकर सुविधा लेने से सम्मान नहीं मिलता. मुख्यमंत्री ने सेवा भारती संगठन को करनाल विकास निधि फंड से 5 लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की.
सांसद अश्विनी चौपड़ा ने कहा कि समाज में अभिन्नता व जातिवाद समाज में बिखराव पादा करता है. ऐसे लोग जो अपनी रोजी-रोटी का इंतजाम नहीं कर सकते, सेवा भारती उनके लिये पूरे देश में सहयोग कर रही है ताकि समाज के वंचितों को सेवाभाव से उपर उठाया जाये. उन्होंने कहा कि स्वयं उनके द्वारा भी चौपाल व वरिष्ठ नागरिक केसरी कल्ब एनजीओ के माध्यम से समाज के जरूरतमंद लोगों की सेवा की जा रही है. उन्होंने भी सांसद निधि कोष से 5 लाख रुपये की राशि सेवाभारती संगठन को देने की घोषणा की.
इस अवसर पर सेवाभारती के प्रदेश महामंत्री श्री नरेश कुमार ने बताया कि देश में सेवा भारती नर सेवा, नारायण सेवा का ध्येय लेकर काम कर रही है. देश में सेवाभारती के माध्यम से बाल संस्कार केन्द्र,बाल विद्यालय, टयूशन सेन्टर, सिलाई कढ़ाई, रूप सज्जा केन्द्र, कम्प्यूटर प्रशिक्षण केन्द्र व भजन मंडलियों के माध्यम से जन-जागरण किया जाता है. उन्होंने बताया कि इस समय हरियाणा में 362 सेवा प्रकल्प
हैं, जिनमें शिक्षा के 144, स्वास्थ्य के 38, रोजगार परक 119 तथा सामाजिक समरसता के 61 प्रकल्प चल रहे हैं. उन्होंने कहा कि सेवाभारती का उद्देश्य गरीब, वंचित परिवारों को सहयोग करके समाज की मूलधारा में जोडऩा है.
श्री गुणवंत जी कोठारी, मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल जी एवं अन्य ने कार्यक्रम से पहले सेवाभारती के नवनिर्मित भवन का विधिवत उद्घाटन किया. इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्जवलित करके कार्यक्रम का शुभारम्भ किया. कार्यक्रम में सांस्कृतिक कार्यक्रम, देशभक्ति के गीत, नाटक भी प्रस्तुत किये गये. सेवाभारती के अध्यक्ष डॉ. बुद्ध सिंह ने आगत सभी अतिथियों का धन्यवाद किया. मंच का संचालन सेवाभारती के प्रदेश के प्रचार प्रमुख ओम प्रकाश अत्रेजा ने किया.
इस अवसर पर सेवा भारती के अखिल भारतीय संगठन मंत्री सुंदर लक्ष्मण जी, अ. भा. महामंत्री श्री ऋषिपाल डडवाल जी, सह सचिव रेनू पाठक, पूर्व केन्द्रीय राज्य मंत्री आई डी स्वामी, विधायक हरविन्द्र कल्याण, विधायक भगवान दास कबीरपंथी, मेयर रेनू बाला गुप्ता,बृज गुप्ता,पूर्व विधायक रमेश कश्यप, शशिपाल मेहता, डिप्टी मेयर कृष्ण गर्ग, जगदेव पाढा, जगमोहन आनंद, चंद्रप्रकाश कथूरिया, आदि व प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा काफी संख्या में समाज सेवी उपस्थित थे.

विजय दिवस की स्मृति में संघ द्वारा ‘दण्ड प्रहार यज्ञ’ का आयोजन

Meerutलोनी (गाजियाबाद). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रत्येक वरष 16 दिसम्बर विजय दिवस की स्मृति में देशभर में शाखाओ पर दण्ड प्रहार यज्ञ का आयोजन करता है. इस वर्ष मेरठ प्रान्त के 15014 स्वयंसेवकों ने भाग लेकर 43,57,647 दण्ड प्रहार लगाये. इस प्रतियोगिता में बाल, तरुण तथा प्रौढ़ सभी आयु के स्वयंसेवकों ने भाग लिया.
मेरठ प्रान्त के शारीरिक प्रमुख श्री शिवकुमार ने यह जानकारी देते हुए बताया कि मेरठ प्रान्त के 24 जिलों में 1026 शाखाओं पर एक ही दिन में यह कार्यक्रम किया गया जिसमें 765 स्वयंसेवक ऐसे भी थे जिन्होंने 1000 से अधिक दण्ड प्रहार लगाये. सबसे अधिक प्रहार लगाने वाली शाखाओं में 1,61,000 प्रहार लगाकर माधव कुंज शाखा (मेरठ) प्रथम स्थान पर रही. 10,18,121 दण्ड प्रहार लगाकर मेरठ महानगर ने प्रान्त के सभी जिलों में प्रथम स्थान प्राप्त किया.

अच्छा साहित्य मानव के लिए भोजन व प्राणवायु जितना जरूरी : रामगोपाल


0001जालंधर. अच्छा साहित्य मानव जीवन के लिये उतना ही जरूरी है- जितना कि भोजन और प्राणवायु, क्योंकि भोजन मानव के शरीर का निर्माण करता है तो सद्साहित्य से विचारों व संस्कार का निर्माण होता है जो जीवन संचालन के लिये अत्यावश्यक है. यह विचार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पंजाब प्रांत के प्रचार प्रमुख श्री रामगोपाल सरस्वती विस्तार योजना के समापन पर व्यक्त किये. उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत पूरे पंजाब में 20 और 21 दिसंबर को संघ के स्वयंसेवकों ने चौक-चौराहों, बस अड्डों व अन्य सार्वजनिक स्थलों पर जाकर साहित्य बेचा. इन दो दिनों में कुल 25000 पुस्तकों की बिक्री की गई.
सरस्वती विस्तार योजना के बारे जानकारी देते हुए श्री रामगोपाल ने बताया कि सूचना और क्रांति के युग में आज साहित्य निर्माण के क्षेत्र में जितनी क्रांति आई है, उतनी ही सद्साहित्य की कमी महसूस की जाने लगी है. मानव जीवन को संस्कारित बना परिवार को संस्कारित करने और संस्कारित परिवारों से आगे समाज को संस्कारवान बनाने के लिये संघ की ओर से यह प्रयास किया गया है. उन्होंने कहा कि लोग अच्छे साहित्य को घर के अन्य जरूरी सामान की तरह अपने साथ लेकर जा सकें इसके लिये संघ के स्वयंसेवकों ने राज्य भर में जगह-जगह खड़े हो कर साहित्य बेचा.
0002इस योजना के अंतर्गत महापुरुषों के प्रेरक जीवन, आओ मकान को घर बनायें, सफलता और सार्थक जीवन का आधार सेवा, बाल कथायें और भारत का गौरव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ नामक पांच शीर्षकों से पुस्तकों का प्रकाशन किया गया. दो दिन सभी कार्यकर्ताओं ने मिल कर इस साहित्य को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का प्रयास किया. उन्होंने बताया कि समय-समय पर पूरे देश में इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं और पंजाब के लिये 20 और 21 दिसंबर के दिन तय किए गये थे. संघ के प्रचार प्रमुख श्री रामगोपाल ने बताया कि भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे और समाज को संस्कारवान बनाने का यज्ञ जारी रहेगा. उन्होंने बताया कि राज्य के सभी 144 नगरों व कस्बों में यह कार्यक्रम चला.
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Friday, December 19, 2014

अकाल में चीत्कार करती गोमाता को बचायें: प्रतापपुरी

जैसलमेर (विसंके). तारातरा मठ के स्वामी प्रतापपुरी महाराज ने स्थानीय जनसेवा समिति के सभागार में आयोजित  प्रबुद्ध नागरिकों की बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि हिंदू संस्कृति गाय पर टिकी है. हमारे सारे रीति-रिवाज और जीवन से मृत्यु तक के सभी 16 संस्कार गाय के बिना अधूरे हैं परंतु अकाल जैसी विषम परिस्थितियों में पशुपालकों के लिये यह ‘धण’ अब ‘ढोर’ बनने लगा है.
Seemajan Kalyan Samitiउन्होंने अकाल में चीत्कार कर रही गो माता के संरक्षण के कार्य में जुटी सीमाजन कल्याण समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि गाय का समाज और विज्ञान में महत्व सार्वभौमिक है इसलिये इसे केवल अर्थ से नहीं जोड़ना चाहिये. गाय की सेवा करने से रोग और क्लेश हमसे दूर रहते हैं. समाज के सभी वर्गों को इस अकाल की घड़ी में काल का ग्रास बन रहे गोवंश को बचाने के लिये आगे आना चाहिये.
जैसलमेर के सुदूर सीमावर्ती क्षेत्रों में सीमाजन कल्याण समिति द्वारा संचालित गो शिविरों के मार्गदर्शक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक श्री बाबूलाल जी ने कहा कि हम संपूर्ण मानव समाज के साथ प्राणियों की रक्षा के लिये चिन्ता करने वाले हैं. गोचर और ओरण की जमीन हमारे यहां रखी जाती है ताकि पशुओं का स्वतंत्र विचरण और संरक्षण हो सके.
unnamed (1)जैसलमेर-बाड़मेर के सीमावर्ती गांवों में गोवंश चारे-पानी के संकट से गुजर रहा है. हमने सरकारी अनुदान के बिना ही प्रभावित क्षेत्रों में चारा डिपो शुरू कर दिये थे. इन दिनों जिले में 30 गो शिविरों में 7600 गोवंश का संरक्षण दिया जा रहा है. रामदेवरा और देवीकोट में असहाय नर गोवंश (बैलों) को रखा जा रहा है, ताकि शीत के प्रकोप का शिकार होने और बूचड़खानों में जाने से उन्हें रोका जा सके.
सीमाजन कल्याण समिति के प्रदेश संगठन मंत्री नीम्बसिंह ने अतिथियों का परिचय कराया. संघ के विभाग संघचालक डॉ. दाऊलाल शर्मा ने उपस्थित प्रबुद्धजनों से गोवंश को बचाने के लिये चल रहे इस महायज्ञ में अर्थ की आहुति देने का अनुरोध किया. इस अवसर पर मंच पर सीमाजन कल्याण समिति के जिलाध्यक्ष अलसगिरी उपस्थित थे. संरक्षक मुरलीधर खत्री ने आभार जताया. मंच संचालन भगवतदान रतनू ने किया.

अरबों का संग्रहालय बनायेंगे संत

देहरादून (विसंके). षड्दर्शन संतों, अखाड़ों और महामंडलेश्वरों ने अरबों रुपये की संग्रहालय निर्माण योजना पर कार्य शुरू करने की घोषणा की है. योजना पर खर्च होने वाली अधिकांश धनराशि साधु-समाज देगा. प्रदेश सरकार ने इसके लिये आवश्यक भूमि देने पर सहमति दे दी है.
जयराम आश्रम में पीठाधीश्वर ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी के संयोजन में हुई बैठक में यह घोषणा की गयी. निर्माण कार्य अर्द्धकुंभ तक पूरा हो जाने का अनुमान है. बैठक में संतों के एक प्रतिनिधि मंडल द्वारा शीघ्र ही प्रधानमंत्री से भी भेंट करने का निश्टय किया गहया. बैठक में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती ने गंगा संग्रहालय की आवश्यकता पर प्रकाश डाला.
ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने देश के इस प्रकार के अनेक विख्यात संग्रहालयों का विवरण दिया. कहा कि सबको साथ लेकर यह संग्रहालय बनाना अब उनके जीवन का लक्ष्य बन चुका है. जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी उमाकांतानंद ने विश्व भर के संग्रहालयों के बारे में बताया.
महामंडलेश्वर डॉ. श्यामसुंदर दास, महामंडलेश्वर अर्जुनपुरी, महामंडलेश्वर हरि चेतनानंद, निरंजनी अखाड़े के सचिव रामानंदपुरी, महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव शिवशंकर गिरि, स्वामी ऋषिश्वरानंद, बड़े अखाड़े के मोहन दास, नया अखाड़ा उदासीन के महंत भगतराम, आह्वान अखाड़े के शिवशंकर गिरि, निर्मल अखाड़े के संत महेंद्र सिंह, गंगा सभा के कार्यकारी अध्यक्ष गांधीवादी पुरुषोत्तम शर्मा आदि ने इस बैठक में भाग लिया.
इस संग्रहालय में गंगा के अवतरण, मार्ग, महत्व, संदर्भ आदि को प्रतिमाओं के माध्यम से बताया जायेगा. ध्वनि-प्रकाश माध्यम का उपयोग करते हुए भव्य स्टेज कार्यक्रम भी निरंतर चलेगा. गंगा से संबंधित संपूर्ण साहित्य संजोने के लिये विद्वानों की टीम गठित की जायेगी. गंगा सभा के अध्यक्ष पुरुषोत्तम शर्मा ने प्रस्ताव रखा कि हरिद्वार वासियों को फोन पर ‘हैलो’ की जगह फोन पर ‘जय गंगे मैया’ कहना चाहिये. मध्य भारत में जय श्रीकृष्ण, वृंदावन में राधे-राधे, अवध में राम-राम आदि शब्दों का प्रयोग किया जाता है. हरिद्वार का सारा कारोबार गंगा पर आधारित है. यहां के निवासियों को हर-हर गंगे, जय श्रीगंगा जी अथवा जय गंगे मैया शब्दों का प्रयोग फोन उठाते ही करना चाहिये. संत समाज ने तत्काल दोनों हाथ उठाकर प्रस्ताव स्वीकार कर लिया. आज से ही फोन पर जय गंगे मैया शब्दों के प्रयोग के संदेश संतों द्वारा भेजे जा रहे हैं.

देवभोग-प्रहार महायज्ञ में देवभोग शाखा के स्वयंसेवको ने दंड से किये 17 हजार से अधिक प्रहार

Dand Prahar Yagya
रायपुर (विसंके). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की देवभोग शाखा में संघ के राजिम विभाग प्रचारक महावीर सिंह एवं नगर संघचालक राजेश अग्रवाल की उपस्थिति में स्थानीय स्वयंसेवको ने प्रहार महायज्ञ का आयोजन किया, संघ के विधान के मुताबिक विधिवत ध्वजप्रणाम के बाद स्वयंसेवको ने दंड प्रहार प्रारम्भ किया, लगभग डेढ़ घंटे चले इस प्रहार यज्ञ में मौजूद स्वयंसेवकों द्वारा 17 हजार बार दंड का प्रहार किया गया. इस अवसर पर नगर संघचालक राजेश अग्रवाल भी उपस्थित थे.

किसान के बेटे ने बनाया क्वार्ककॉप्टर

रायपुर (विसंके). कुछ कर गुजरने की चाहत में राजधानी के एक किसान पुत्र ने वह कर दिखाया जिसे शायद करने में न जाने कितनी पढ़ाई करनी पड़ती होगी. सब्जी की खेती करने वाले राहुल रमेश भाई चावड़ा ने एक क्वार्ककॉप्टर बनाया है, जो न केवल उड़ सकता है, बल्कि सात किलो वजन भी उठाने की क्षमता रखता है. खासियत यह भी है कि 700 फीट की ऊंचाई से वीडियो रिकार्डिंग भी कर सकता है. इसे तैयार करने में 10 महीने लगे. उसने न कहीं ट्रेनिंग ली है और न ही इससे संबंधित कोई पढ़ाई की है.
बीए की पढ़ाई के बाद वह पुश्तैनी काम यानी खेती-किसानी में जुट गया लेकिन हर समय कुछ नया करने की चाहत में उन्होंने इस छोटे उड़नखटोले का आविष्कार कर डाला. उन्होंने बताया कि क्वार्ककॉप्टर पूरी तरह जीपीएस सिस्टम से लैस है जिससे लोकेशन निर्धारित कर उसे किसी भी स्थान में भेजा जा सकता है. इस क्वार्ककॉप्टर के कुछ पुर्जे देसी है तो कुछ विदेशी. राहुल का कहना है कि इससे संबंधित सारे सामान भारत में भी मिलते हैं, लेकिन विदेशों की अपेक्षा भारत में वह काफी महंगे होते हैं. यह क्वार्ककॉप्टर इन दिनों काफी चर्चा में इसलिये भी है, क्योंकि वह इसका इस्तेमाल भनपुरी स्थित कच्छ गुर्जर क्षत्रिय समाज गरबा मैदान में गरबा खेलने आये लोगों के ऊपर फूल बरसाने का काम कर रहा है. इसे देखने के लिये लोगों में काफी उत्सुकता रहती है. इसके अलावा वह मैदान में खेले जा रहे गरबे की पूरी वीडियो रिकार्डिंग भी क्वार्ककॉप्टर में लगे कैमरे में कैद करते है. ऐसा करने के लिये वह कुछ भी पैसे चार्ज नहीं करते हैं.

नक्सल समस्या : स्वास्थ्य-शिक्षा के लिये बड़ी राशि स्वीकृत

रायपुर. राज्य पुलिस और सीआरपीएफ ने अब नक्सलियों को उनकी मांद में ही घेरना शुरू कर दिया है. महीने भर के अंदर पुलिस ने सुकमा, अबूझमाड़, कांकेर, राजनांदगांव में छह नई पोस्ट और थाने खोल दिये हैं. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आंध्रप्रदेश की एंटी नक्सल फोर्स ग्रे हाउंड्स की तर्ज पर बनी छत्तीसगढ़ की फोर्स एसटीएफ के लिये और 22 करोड़ रुपये दिये हैं. इसे बेहतर ट्रेनिंग सुविधाओं और हथियारों पर खर्च किया जायेगा. इस महीने की शुरुआत में ही सुकमा के चिंतागुफा इलाके में हुए नक्सली हमले में सीआरपीएफ के 14 जवानों की मौत ने सुरक्षा बलों को तगड़ा झटका दिया है. दो दिन पहले केंद्रीय गृहमंत्रालय के सुरक्षा सलाहकार के विजय कुमार के साथ आये उच्चाधिकार प्राप्त समिति के सदस्यों ने सुकमा, बीजापुर जिलों के नक्सल प्रभावित इलाकों का दौरा किया था. नक्सलियों के विरुद्ध ऑपरेशन को और बेहतर तरीके से चलाने पर मंथन शुरू हो गया है. अतिरिक्त महानिदेशक (नक्सल ऑॅपरेशन) श्री  आरके विज ने बताया कि महीनेभर के अंदर पुलिस ने छह नये पोस्ट और थाने खोले हैं, ताकि नक्सलियों के मूवमेंट को रोका जा सके. राजनांदगांव में पुलिस ने जबर्दस्त दबाव बना रखा है. सीतागांव और औंधी के बीच डोमीकला में नई चौकी बनाई गई है. कुछ दिनों पहले ही पुलिस ने आंध्रप्रदेश के सीमा से बमुश्किल चार किमी पहले किष्टाराम के धरमपेंटा गांव में नया शिवर बना दिया है. नक्सलियों के दबदबे वाले इलाके में शिविर खोलने के लिये 500 से ज्यादा जवानों को भेजा गया है, जिसमें एसटीएफ की टीम भी शामिल है. इससे बिफरे नक्सली लगभग हर रोज कैंप पर फायरिंग कर रहे हैं. विज का दावा है कि फोर्स के आने के बाद गांव के लोग भी नक्सलियों के विरुद्ध हो रहे हैं.
कंबल वितरण के अलावा पुलिस ने आसपास के गांवों में बोर भी खुदवाये, ताकि लोगों को पीने का साफ पानी मिले. अब पुलिस की अगली कोशिश गांव में राशन दुकान खोलने की है. धरमपेंटा में पहली बार फोर्स पहुंची है. सुकमा जिले के तोंगपाल इलाके में पुलिस ने नया शिविर पुसपाल में खोला है, जो ओडिशा सीमा से सटा हुआ है. कांकेर में राजनांदगांव की सीमा पर गोंडाधुर और नारायणपुर जिले में अबूझमाड़ इलाके में बासिंगबहार गांव के पास दो नये शिविर भी बनाये गये हैं. एडीजी विज ने बताया कि सीआरपीएफ की 10 अतिरिक्त बटालियनों के मैदान में आने के बाद एक दर्जन से ज्यादा स्थानों पर शिविर चालू करने की तैयारी है.
एसपीएफ को बेहतर हथियारों से लैस करने और ट्रेनिंग के लिये केंद्र ने राज्य को और 22 करोड़ रुपये का आवंटन किया है. इसी मद में राज्य को 21 करोड़ रुपये पहले मिल चुके हैं. दुर्ग जिले में बघेरा के ट्रेनिंग सेंटर को और बेहतर किया जा रहा है.
विधानसभा के शीत सत्र में बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा चालू वित्तीय वर्ष 2014-15 के लिये पेश 1481 करोड़ रुपये की व्दितीय अनुपूरक मांगें पारित कर दी गयीं. इसे मिलाकर राज्य सरकार का इस वित्तीय वर्ष का बजट 59 हजार 788 करोड़ रुपये हो गया है जो राज्य गठन के बाद 2001-02 के बजट से करीब आठ गुना ज्यादा है. सन् 2001-02 में राज्य सरकार का बजट 7295 करोड़ रुपये था.
राज्य सरकार के प्रथम अनुपूरक में 1557 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था, जबकि आज प्रस्तुत 1481 करोड़ रुपये के व्दितीय अनुपूरक में 1229 करोड़ आयोजना व्यय एवं 252 करोड़ रुपये आयोजनेत्तर व्यय के रूप में शामिल है. इसमें कुल राजस्व व्यय 1269 करोड़ रु. एवं पूंजीगत व्यय 212 करोड़ रुपये होगा. मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इसे एक नया कीर्तिमान बताया है.
नक्सल उन्मूलन के लिये दो इंजीनियरिंग कम्पनी
विधानसभा में व्दितीय अनुपूरक से संबंधित विभिन्न प्रस्तावों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ में केन्द्रीय सुरक्षाबलों की नौ अतिरिक्त बटालियनों की तैनाती के पूर्व आवश्यक अधोसंरचना के निर्माण एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं के विकास के लिये पांच करोड़ रुपये का प्रावधान अनुपूरक बजट में किया गया है. भारत सरकार की नक्सली पुनर्वास एवं समर्पण योजना के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों को पुनर्वास हेतु दी जाने वाली आर्थिक सहायता के लिये एक करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. राज्य में नक्सली हिंसा में शहीद सुरक्षाबलों के अधिकारियों एवं जवानों के आश्रित परिवारों को बीमा विकल्प अनुदान योजना के अंतर्गत सहायता हेतु पांच करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. राज्य में तैनात विशेष रक्षित वाहिनी के अन्तर्गत दो इंजीनियरिंग कम्पनी के लिए 274 नवीन पदों के सृजन हेतु अनुपूरक में प्रतीक प्रावधान किया गया है. इस वित्तीय वर्ष में आवश्यक व्यय विभागीय बचत से किया जाएगा.
छत्तीसगढ़ खाद्यान्न सुरक्षा अधिनियम 2012 के अन्तर्गत प्रदेश के 3,495 छात्रावास व आश्रमों में अध्ययनरत जाति, जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के लगभग दो लाख विद्यार्थियों को प्रति विद्यार्थी 15 किलो प्रतिमाह चावल उपलब्ध कराने हेतु 15 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है. प्रथम अनुपूरक में 26 करोड़ रुपये का प्रावधान है, जिसे शामिल कर कुल 41 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. अनुसूचित जाति, जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के भुगतान हेतु 111 करोड़ 46 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है. राज्य के नक्सल प्रभावित 14 जिलों में अनुसूचित जाति, जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के 111 छात्रावास एवं आश्रम शाला भवनों के निर्माण हेतु 35 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है.
स्वास्थ्य सुविधाओं के लिये प्रावधान
उन्होंने बताया कि खाद्य एवं औषधि प्रशासन के सुदृढ़ीकरण के लिये मशीन एवं उपकरणों के क्रय हेतु पांच करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत प्रदेश के 41 लाख 42 हजार परिवारों के स्मार्ट कार्ड बनाये जा चुके हैं. व्दितीय वर्ष में पॉलिसियों के नवीनीकरण के लिये 80 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. राजनांदगांव में नवीन स्थापित शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के स्थापना व्यय, भवन निर्माण तथा मशीन एवं उपकरण क्रय के लिये पांच करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
शिक्षा के लिये प्रावधान
उन्होंने बताया कि सर्व शिक्षा अभियान के अन्तर्गत प्रदेश में कार्यरत लगभग 57 हजार शिक्षाकर्मियों के वेतन, भत्ते हेतु 55 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. साक्षर भारत अभियान के तहत प्रौढ़ शिक्षा के क्रियान्वयन के लिये एक करोड़ 27 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है. विश्वविद्यालय पेंशन योजना के अंतर्गत एरियर्स राशि के भुगतान हेतु आठ करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ को स्थापना अनुदान के लिये तीन करोड़ 26 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है.

गंगा को करें प्रदूषण मुक्त करने के लिये निकाली रैली

Thursday, December 18, 2014

सीमेंटनगरी में बजरंग दल ने निकाली शोभायात्रा



राजगांगपुर:
सीमेंटनगरी राजगांगपुर में बजरंग दल की ओर से शनिवार को शौर्य दिवस मनाया गया। इस अवसर पर बजरंग दल की ओर से शोभायात्रा भी निकाली गई।
शनिवार की सुबह यह शोभायात्रा सुबह 11 बजे स्थानीय फुटबाल मैदान से शुरू की गई। यह शोभायात्रा वहां से शहर के विभिन्न अंचलों की परिक्रमा करने के बाद दोपहर एक बजे सुभाष चौक पहुंचने के बाद संपन्न हुई। इस शोभायात्रा में राजगांगपुर नगरपालिका के अंतर्गत सभी 20 वार्डो के बजरंग दल के संयोजक व सह-संयोजक समेत कार्यकर्ता शामिल थे। यह शोभायात्रा बजरंग दल के राजगांगपुर प्रखंड के संयोजक दीपक दुबे, प्रखंड सह-संयोजक दीपक दुबे की देखरेख में निकाली गई। इस अवसर पर अन्य लोगों में विश्व हिन्दू परिषद के प्रखंड सचिव मनोज बंका, प्रांत योजना प्रमुख विशंभरनाथ मिश्र आदि उपस्थित थे।

40 मिनट में 108 बार सूर्य नमस्कार


राउरकेला:
आर्ट आफ लिविंग फाउंडेशन की ओर से विश्व भर में योग का प्रचार-प्रसार करने योगाथन-2014 आयोजित किया गया। जिसमें शहर के विभिन्न स्कूलों में भी योगाथन कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को सूर्य नमस्कार का प्रशिक्षण दिया गया। आर्ट आफ लिविंग का यह कार्यक्रम भारत समेत विश्व के 150 देशों में आयोजित किया गया।
पानपोष स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में मंगलवार की सुबह योगाथन कार्यक्रम शुरू हुआ। आर्ट आफ लिविंग के प्रशिक्षक ललित सुंदर, पूजा टिबरेवाल, पूजा गर्ग ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित करने के बाद योगाथन का प्रारंभ हुआ। इस कार्यक्रम में स्कूल के 92 छात्र-छात्राओं समेत 16 शिक्षक शिक्षिकाओं ने कुल 40 मिनट में 108 बार सूर्य नमस्कार किया। स्कूल प्रबंधन समिति के कोषाध्यक्ष चंदन अग्रवाल की देखरेख में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानाचार्य गोविंद चंद्र राउत ने अतिथियों का परिचय प्रदान किया। स्कूल के अन्य शिक्षक शिक्षिकाओं में रविन्द्र कुमार सामल, कुनलता राउत, आशारानी मिश्र, स्नेहप्रभा, मिली विश्वाल, डाली साहु, रेणुलता महंती, प्रीति जायसवाल, आशालता पंडा, ज्योत्सना महाराणा, सस्मिता महाराणा आदि का सहयोग रहा। पानपोष सरस्वती शिशु मंदिर के अलावा आर्ट आफ लिविंग का योगाथन कार्यक्रम केंद्रीय विद्यालय, गुरु नानक पब्लिक स्कूल, कोयल विद्यापीठ, एसकेडीएवी कालेज, एनआइटी समेत अन्य स्कूल कालेजों में आयोजित कर योग की महिमा के बारे में जानकारी दी गई।

Tuesday, December 09, 2014

हवन कर हिंदू बने 60 मुस्लिम परिवार, लगाया तिलक

आगराः हवन कर हिंदू बने 60 मुस्लिम परिवार, लगाया तिलक

 

आगरा :
 जिस बस्ती में कई सालों से कुरान की आयतें गूंजती थीं, सोमवार सुबह वहां संस्कृत के श्लोक सुनाई दे रहे थे। कई साल आगरा में गुजारने के बाद भी मुसाफिरों जैसी जिंदगी बिता रहे लगभग 60 मुस्लिम परिवारों के 387 सदस्यों ने हवन कर हिंदू धर्म कुबूल कर लिया। उन्होंने तिलक लगा जनेऊ धारण कर लिया।
देवरी रोड स्थित वेद नगर में दर्जनों परिवार एक साथ रहते हैं। मूल रूप से कोलकाता, पश्चिम बंगाल के रहने वाले यह लोग करीब 17 साल से आगरा में कबाड़ का काम करते हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के धर्म जागरण प्रकल्प और बजरंग दल के कार्यकर्ता तीन माह से इनके बीच सक्रिय थे। बातचीत में पता चला कि इनके पुरखे हिंदू थे, जिन्होंने किन्हीं कारणवश इस्लाम धर्म अपना लिया था।
करीब 25 वर्ष बाद इन मुस्लिम परिवारों ने दुबारा अपने मूल धर्म में वापसी की। सुबह सभी परिवारों को स्नान कराया और गाय के गोबर से भूमि का लेपन कर हवन कुंड बनवाया। काली माता की प्रतिमा स्थापित करा कर हवन-पूजन के बाद सभी को कलावा बांधकर तिलक लगाया और पुरुषों को जनेऊ पहनाए। परिवारों की अगुआई कर रहे राजकुमार (इस्माइल) का कहना था कि हम अब तक अपेक्षित रहे हैं, कोई सरकारी सुविधा नहीं मिलती। उम्मीद है धर्म परिवर्तन के बाद स्थिति कुछ सुधरेगी।