Monday, January 26, 2015

वंदे मातरम् गाने के लिए मजबूर मत करों – उपेंद्र कुशवाहा, केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री

पटना (बिहार) : केंद्रीय मानव संसाधन राज्य मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने रविवार को कहा कि देश में किसी को भी वंदे मातरम गाने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।
कुशवाहा बिहार में बीजेपी की सहयोगी पार्टी, राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के अध्यक्ष हैं। उन्होंने गोपालगंज जिले के गांव के एक स्कूल में वंदे मातरम गाने को लेकर उठे विवाद के बाद मीडिया से यह बात कही।
कुशवाहा ने कहा, ”किसी को भी वंदे मातरम गाने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए और न ही इसे थोपा जाना चाहिए।” कुशवाहा ने कहा कि राष्ट्रपति वंदे मातरम गाने का फैसला लोगों की अपनी मर्जी पर छोड़ दिया जाना चाहिए।
इससे पहले कुशवाहा ने कहा था कि वह धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिए किसी कानून के पक्ष में नहीं हैं क्योंकि धर्मांतरण के लिए जबरदस्ती और प्रलोभन पर रोक के लिए पहले से ही संविधान में प्रावधान मौजूद हैं।
स्त्रोत : नवभारत टाईम्स

महिलाओं पर हो रहे अत्याचार को बंद कर-भारतीय मजदूर संघ

संबलपुर : जनसमस्या और समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर बुधियापाली स्थित सिंहवाहिनी समाज सेवा ने गत गुरुवार को उत्तरांचल राजस्व आयुक्त कार्यालय के समक्ष धरना दिया। धरना का नेतृत्व भारतीय मजदूर संघ के अध्यक्ष जगदीश बिस्वाल कर रहे थे।
इस दौरान राजस्व आयुक्त को राष्ट्रपति के नाम प्रेषित मांग पत्र सौंपा गया। मांग पत्र में महिलाओं पर हो रहे अत्याचार को बंद कराने, बाल मजदूर प्रथा को बंद कराने, असहाय महिलाओं के लिए पुनर्वास की व्यवस्था कराए जाने, अनाथ व असहाय बच्चों के लिए कल्याण कार्यक्रम, स्कूल व शिक्षकों के अभाव को दूर करने, अवैध शराब कारोबार पर अंकुश लगाने, स्कूल की विभिन्न समस्याओं के समाधान, बीडी मजदूर व हरित पत्रिका धारकों को पुनर्वास कराने, पेयजल की सुव्यवस्था, सार्वजनिक वितरण प्रणाली व्यवस्था का लाभ सब तक पहुंचाने, राष्ट्रीय वृद्धावस्था भत्ता शुरू किए जाने एवं बीपीएल परिवार को विद्युत सुविधा उपलब्ध कराने में सहायता आदि की मांग की गई है। धरना देने वालों में करमचंद भोई, प्रतिमा प्रधान, पिंकी बुधिया, कल्याणी बनछोर, लता बगर्ती, सीता बगर्ती, चंद्रकांति प्रधान, लक्ष्मी साहु, ममता पात्र, लक्ष्मी प्रिया प्रधान, नुंआदेई बुधिया, बालमति साहूु, रीता मुंडा व सुवासिनी सालिया समेत अन्य शामिल थे

वन बंधु परिषद, एकल अभियान ओडिशा का भव्य कलशयात्रा

बड़गांव :
ग्रामोत्थान संसाधन केन्द्र जरंगलोई व वन बंधु परिषद, एकल अभियान ओडिशा की ओर से शुक्रवार को त्रायंबकेश्वर मंदिर मंदिर की स्थापना के लिए भव्य कलशयात्रा निकाली गई। पूजा में जजमान के रूप में राउरकेला के हनुमान अग्रवाल व पत्‍‌नी स्वेता कर्ता के रूप में शामिल हुए। विभिन्न धार्मिक प्रवचन व प्राण प्रतिष्ठा शनिवर को एवं रविवार को कृषक मेला व उद्यान प्रदर्शनी का आयोजन होगा।
मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के लिए पुरी के पुजारी श्याम सुंदर पंडा, सरोज रथ, बसंत त्रिपाठी, कुसमी के प्रदीप नंद, कुंतरा के दीपक पंडा शामिल हो रहे हैं। शुक्रवार की सुबह कलश शोभायात्रा निकाली गई जिसमें दो सौ से अधिक महिलायें शामिल हुई। दोपहर में स्वामी जीवन मुक्तानंद महाराज ने धार्मिक प्रवचन दिया। शनिवार को प्राण प्रतिष्ठा, विग्रह पूजन एवं ज्ञान यज्ञ का आयोजन होगा। यहां रविवार को कृषक मेला व उद्यान प्रदर्शनी का आयोजन होगा। यहां विभिन्न प्रकार के फल, सब्जी, हस्त शिल्प, सिलाई सामग्री की प्रदर्शनी लगेगी। आदित्य प्रकाश जलान तकनीकी प्रशिक्षण केन्द्र का उद्घाटन होगा। इसमें विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय संयुक्त महामंत्री व एकल अभियान के केन्द्रीय प्रभारी श्याम जी गुप्ता आमंत्रित हैं। एकल विद्यालय के राज्य संभाग प्रमुख रंजीत स्वाई, विहिप के जिला पदाधिकारी किशोर कुमार पटेल, राउरकेला आरएसएस विभाग सेवा प्रमुख प्रफुल्ल कुमार नायक, बड़गांव के पूर्व चेयरमेन परमानंद बाग, भाजपा कर्मी सुनील नायक, सीतल अग्रवाल, सत्यवान बिसी, एकल विद्यालय जरंगलोई प्रभारी पंकज दास, अर्जुन शर्मा आदि लोग आमंत्रित हैं।

Saturday, January 24, 2015

कश्मीरी पंडितों की स्थिति पर ब्रिटिश संसद में पहली बार प्रस्ताव

मेरठ (विसंके). 25 साल पहले जम्मू-कश्मीर से पलायन करने को मजबूर हुये कश्मीरी पंडितों से संवेदना जताने के लिये ब्रिटेन की संसद में पहली बार प्रस्ताव लाया गया है. हाउस ऑफ कॉमंस के पटल पर रखे गये अर्ली डे मोशन (ईडीएम) में जनवरी 1990 में सीमा पार से आये इस्लामी कट्टरपंथियों के हमले के शिकार बने लोगों के परिवारों और दोस्तों के प्रति सहानुभूति जताई गई है.
ब्रिटिश हिंदुओं की सर्वदलीय संसदीय समूह की ओर से लाये गये ईडीएम को सांसद बॉब ब्लैकमेन ने पेश किया और अन्य चार सांसदों ने इसका समर्थन किया. इसमें कश्मीरी पंडितों के पूजा स्थलों को अपवित्र किये जाने की घटना की निंदा करते हुये उन्हें अब तक न्याय नहीं मिलने पर चिंता भी जताई गई है.
गौरतलब है कि किसी घटना पर सदन का ध्यान खींचने के लिए ब्रिटिश सांसद हाउस ऑफ कॉमंस में ईडीएम लाते हैं. हालांकि ऐसे ईडीएम काफी कम ही होते हैं, जिन पर सदन में बहस होती है. इस सप्ताह की शुरुआत में भी हाउस ऑफ कॉमंस में पंडितों का दर्द बांटने के लिये एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. कश्मीरी पंडित कल्चरल सोसायटी ने एक बयान में ईडीएम को ऐतिहासिक बताया है. पलायन के 25 साल पूरे होने पर सोसायटी की ओर से रविवार को लंदन में एक मार्च का भी आयोजन किया गया.

हिंदू सम्मेलन में लाये जाएंगे पांच प्रस्ताव

मेरठ (विसंके). अपनी स्थापना के स्वर्ण जयंती वर्ष में विश्व हिंदू परिषद देशभर में हिंदू सम्मेलन आयोजित कर रही है. मेरठ में 26 जनवरी को विहिप का हिंदू सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है. इस सम्मेलन में विहिप पांच प्रस्ताव समाज के सामने पेश करेगी. सम्मेलन में विहिप के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ प्रवीण भाई तोगड़िया और केपीएस गिल भाग लेंगे.
शुक्रवार को विश्व संवाद केंद्र में प्रेस वार्ता में विहिप के विभाग संगठन मंत्री सुदर्शन चक्र महाराज ने कहा कि जिमखाना मैदान में होने वाले सम्मेलन की तैयारी के लिये कार्यकर्ता दिनरात जुटे हैं. गांवों में जनसंपर्क कर सम्मेलन में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की जा रही है. इस हिंदू सम्मेलन में अंतर्राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया भी पहुंचेंगे. विहिप हिंदू सम्मेलन के जरिये हिंदू समुदाय को लव जिहाद, धर्म परिवर्तन आदि के मुद्दों पर एकजुट करने का प्रयास कर रही है. सम्मेलन में आतंकवाद, लव जेहाद, धर्मांतरण पर पांच प्रस्ताव पेश किये जाएंगे और इस पर समाज की राय ली जाएगी. समाज की राय मिलने पर विहिप इन मुद्दों पर संघर्ष करेगा. बजरंग दल के प्रदेश संयोजक बलराज डूंगर का कहना है कि आयोजन को लेकर सभी तैयारी पूरी की जा चुकी हैं, मेरठ का सम्मेलन विराट होगा. इसमें बड़ी संख्या में लोग पहुंचेंगे. पंजाब के पूर्व डीजीपी केपीएस गिल विशिष्ट अतिथि होंगे. कार्यक्रम की अध्यक्षता मेरठ महापौर हरिकांत अहलूवालिया करेंगे. कार्यक्रम में स्वामी विवेकानंद सरस्वती महाराज कुलाधिपति गुरुकुल प्रभात आश्रम मौजूद रहेंगे.

Friday, January 23, 2015

जानबूझकर महापुरुषों के इतिहास को युवा पीढ़ी से दूर रखा- इंद्रेश जी

17भुवनेश्वर (विसंके). राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य इंद्रेश कुमार जी ने कहा कि नेता जी सुभाष चंद्र बोस के नेतृत्व में गठित प्रथम स्वाधीन भारत सरकार को जापान, जर्मनी, रूस, सहित दस देशों ने मान्यता प्रादन की थी. यही नहीं वह स्वाधीन भारत के प्रथम सेनानायक थे. इंद्रेश जी 23 जनवरी को भुवनेश्वर के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर परिसर (यूनिट-8) में नेताजी सुभाष की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित युवा सम्मेलन में उपस्थित युवाओं को संबोधित कर रहे थे.
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता पश्चात नेता जी उपस्थित होते तो 60 साल में भारत की राजनीति की छवि अलग होती. जानबूझकर सुभाष चंद्र बोस, वीर सावरकर, स्वामी विवेकानंद सहित अन्य महापुरुषों के इतिहास को युवा पीढ़ी से दूर रखा गया. आने वाले वर्षों में क्रांतिकारियों के जीवन को समाज के सामने लाने के लिये प्रयत्न करना आवश्यक है. युवा सम्मेलन में मुख्यातिथि के रूप में सेवानिवृत्त कर्नल हिमांशु शेखर महापात्र ने शिरकत की. उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी देश के लिये कर रहा हूं, यह सोच रख कर कार्य करे. सम्मेलन के दौरान शहीदों के परिवारों को सम्मानित किया गया.
22इससे पूर्व युवा सम्मेलन का उद्घाटन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय प्रचारक अद्वैत दत्त ने किया था. उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी का राष्ट्रभक्त होना चरूरी है, यदि समस्त युवा पीढ़ी देश के लिये सोचना शुरू कर दे तो समस्त समस्याओं का समाधान निश्चित है, महानगर संघचालक डॉ बसंत कुमार पति, उत्कल प्रांत के सह प्रांत संघचालक समीर कुमार मोहंती भी उपस्थित थे. सम्मेलन में 1500 से अधिक युवाओं ने भाग लिया. जिसमें महानगर की 50 शाखाओं सहित कालेजों के विद्यार्थी उपस्थित थे. युवाओं ने देशभक्ति गीत, और नेता जी सुभाष चंद्र बोस के जीवन पर नाटक का प्रदर्शन किया. अंत में माननीय इंद्रेश जी ने युवाओं की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया. युवाओं ने दोपहर के समय हाथ में भगवा ध्वज लेकर, विभिन्न महापुरुषों की वेशभूषा बनाकर नगर में शोभा यात्रा भी निकाली.
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सद् साहित्य का लोकसभा अध्यक्षा सुमित्रा महाजन ने किया लोकार्पण

जोधपुर, 23 जनवरी 2015. 26 जनवरी को “प्रचार दिवस ” के दिन विक्रय किये जाने वाले सद् साहित्य का लोकार्पण परिधि गृह में लोकसभा अध्यक्षा सुमित्रा महाजन “ताई जी ” द्वारा किया गया.
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचार विभाग द्वारा २६ जनवरी को पश्चमी राजस्थान के जैसलमेर, बाड़मेर , नागौर, जालोर, सिरोही, पाली, श्रीगंगानगर तथा हनुमानगढ़ जिलों में तहसील स्तर तक सद साहित्य का विक्रय किया जाएगा. इसके लिये कार्यकर्ताओं की टोलियां बन चुकी हैं, तथा विक्रय हेतु साहित्य ग्राम स्तर तक पहुंचाया जा चुका है.
अलग अलग तेरह विषयों की पुस्तकें समाज-परिवार के हर विषय को छूती है, जैसे मातृ शक्ति, स्वदेशी विचार, सामाजिक समरसता, सूर्य नमस्कार, स्वामी विवेकानन्द, हिन्दुत्व, एकात्म मानवदर्शन, जीवन और धर्म. सद् साहित्य लोकार्पण अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचार विभाग के कार्यकर्त्ता उपस्थित रहे.
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डा. आंबेडकर के समग्र जीवन का अध्ययन होना जरूरी – कृष्णगोपाल

1-2मुंबई. 22 जनवरी. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल जी ने कहा कि डा. अंबेडकर की प्रतिमा को हमेशा संघर्षवादी की तरह पेश किया गया है. वस्तुत: वह समन्वय के समर्थक और क्रियाशील नेतृत्व भी थे. सामाजिक विज्ञान की अनेकानेक शाखाओं को उन्होने अपनी चिंतनशील प्रज्ञा से नयी दिशा दी. उनके जीवन के इन विविध पहलुओं का अध्ययन होना आवश्यक है. राष्ट्र सुरक्षा पर हिंदी विवेक के विशेषांक के विमोचन अवसर पर सह सरकार्यवाह संबोधित कर रहे थे.
‘हिंदी विवेक’ निर्मित ‘राष्ट्र सुरक्षा’ विशेषांक के विमोचन अवसर पर देश के रक्षा मंत्री मनोहर पर्रीकर भी उपस्थित थे. कार्यक्रम के विशेष अतिथि के रूप में ले.ज. (सेवानिवृत्त) दत्तात्रेय शेकटकर और सांसद गोपाल शेट्टी तथा हिंदुस्थान प्रकाशन संस्था के अध्यक्ष रमेश पतंगे, प्रबंध संपादक दिलीप करम्बेंलकर और हिंदी विवेक के प्रमुख कार्यकारी अधिकारी अमोल पेडणेकर मंच पर विराजमान थे.
Dr-Krishna-Gopal-Jan-22-2015रक्षा मंत्री पर्रीकर ने कहा कि हाल ही में हुये नौदल ऑपरेशन के बाद पत्रकारों ने मेरी प्रतिक्रिया के लिये जंग छेड़ दी. उस ऑपरेशन की सत्यता पर भी प्रश्नचिन्ह खड़े किये गये. जबकि दूसरी ओर फ्रांस में हुये आतंकी हमले का वार्तांकन करने वाले फ्रेन्च माध्यमों ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई. भारतीय माध्यमों को भी इससे सीखने की जरूरत है. राष्ट्रीय सुरक्षा के बारे में हमें अधिक संवेदनशील होने की जरुरत है. सामाजिक स्वास्थ्य ध्यान में लेते हुये माध्यमों को जानकारी देनी चाहिये. किसी भी घटना को प्रस्तुत करते वक्त समाज में आक्रंदन की भावना निर्माण न हो, इसका खयाल रखना चाहिये. स्वनियमन से ही यह संभव हो सकता है.
कृष्णगोपाल जी ने कहा कि डा. अंबेडकर ने अर्थशास्त्र, राज्यशास्त्र, नीतिशास्त्र, न्यायशास्त्र, मानववंश शास्त्र, धर्मविचार और इतिहास जैसे विषयों में अध्ययन कर राष्ट्रविचार की दृष्टी से शास्त्रो का उपयोग किया. समाज के उपेक्षित वर्ग को आत्मसम्मान और आत्मविश्वास देने का अंबेडकर का कार्य महानतम है. वह बिलकुल धर्मविरोधी नहीं थे. श्रद्धा, आस्था का वह सम्मान करते थे. उन्हें साम्यवादी के तौर पर पेश करना गलत है.

Thursday, January 22, 2015

भारत अब तीसरी दुनिया का देश नहीं, बल्कि वैश्विक शक्ति : अरुण कुमार

Arun ji dwara Deep Prajjwalanनई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह संपर्क प्रमुख तथा जम्मू कश्मीर अध्ययन केन्द्र के निदेशक  श्री अरुण कुमार जी ने कहा है कि अब भारत तीसरी दुनिया का देश नहीं, बल्कि एक वैश्विक शक्ति है. दुनिया द्वारा भारत को इस भूमिका में देखे जाने का कारण  यही है कि वैश्विक शक्ति बनने का सामर्थ्य भारत के अलावा किसी अन्य देश के पास नहीं है.
राष्ट्रीय सुरक्षा पर संवाद के बाद आसन्न सुरक्षा चुनौतियों एवं इनके समाधान पर केन्द्रित पाञ्चजन्य और ऑर्गनाइजर साप्ताहिक के विशेषांकों के यहाँ 21 जनवरी को संपन्न विमोचन समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए उन्होंने कहा कि स्थायी वैश्विक शक्ति की संभावना और सामर्थ्य का सबसे बड़ा कारण इसकी सामरिक स्थिति है.
श्री अरुण जी ने ध्यान दिलाया कि कुछ समय पूर्व तक दुनिया के अन्दर ब्रिटेन एक वैश्विक महाशक्ति के रूप में स्थापित था. पूरी दुनिया के अन्दर उसका साम्राज्य था, आधी दुनिया में राज्य था. उन्होंने स्पष्ट किया कि आधी दुनिया में उसका राज्य अपने बल पर नहीं बल्कि भारत के कारण था. 1947 से पहले व्दितीय विश्व युद्ध परिदृश्य में जब ब्रिटेन को लगने लगा कि अब उसे यहां से अपना शासन छोड़ना पड़ेगा तो ब्रिटेन अपने हितों की रक्षा कैसे करेगा. इसको लेकर उन्होंने बहुत विस्तृत अध्ययन किया, उस पर कई रिपोर्ट छापीं. उन रिपोर्टों से स्पष्ट होता है कि भारत का महत्व क्या था.
Panchjanya Organiser- Raksha Visheshank Vimochanउन्होंने माओवाद व नक्सलवाद जैसी समस्याओं और पड़ोसी देशों को ओर से पैदा किए जा रहे  संकटों से परे जाकर देखने और सोचने का आह्वान करते हुए कहा कि अब बहुध्रुवीय विश्व की कल्पना में निष्पक्ष अंतरराष्ट्रीय चिंतकों का आकलन है कि आगामी 40 वर्षों में भारत अमेरिका, यूरोपियन यूनियन, रूस, चीन, और जापान के साथ खड़ा होकर विश्व में शक्ति संतुलन बनायेगा.
भारत को ब्रिटिश साम्राज्य की असली ताकत बताते हुए अरुण जी ने कहा कि ब्रिटेन का साम्राज्य प्रारम्भ होता था टर्की, मिस्र और उन सब एरिया से. यह सब यहां से सिंगापुर, मलाया, इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड और फिर उसके बाद पूर्व अफ्रीका और दक्षिण अफ्रीका. इस पूरे क्षेत्र में उन्होंने तीन बड़े सैन्य अड्डे बनाये. एक पोर्ट ऑफ़ स्पेन, अदन और दक्षिण अफ्रीका में.  तीनों के ऊपर गैरीसन भारत था. चार बड़े गैरीसन भारत के अन्दर बनाये कलकत्ता, चेन्नई, कोच्चि और मुम्बई. पूरा का पूरा हिन्द महासागर ब्रिटिश लेक में परिणत हो गया. उनका सारा का सारा साम्राज्य इसके इर्द गिर्द फैला हुआ था. प्रथम विश्व युद्ध में ब्रिटेन लड़ रहा था. 18 लाख सैनिक थे ब्रिटेन के. इनमें 14 लाख भारतीय थे. द्वितीय विश्वयुद्ध में ब्रिटेन लड़ रहा था उसके 25 लाख सैनिकों में 20 लाख भारतीय थे. दुनिया के अन्दर जहां ब्रिटेन लड़ा वास्तव में ब्रिटेन नहीं लड़ा भारत की मानव शक्ति, भारत की स्ट्रेटेजिक लोकेशन, इसके बूते ब्रिटेन दुनिया के ऊपर राज्य करता था.
Shri Arun jiअपने विद्वतापूर्ण विश्लेषण में उन्होंने कहा, “दुनिया के अन्दर भारत के व्यक्ति का एक महत्व है, मैं केवल स्ट्रैटेजिक लोकेशन की ही बात नहीं कर रहा, भारत के पास जो समाज है, हमारी बहुत सारी बातें हैं, परिवर्तन को स्वीकार करने की हमसे ज्यादा वायब्रेंट सोसायटी नहीं है. जितनी तेजी से तीस-चालीस सालों में हमने अपने आप को बदला है, नयी-नयी बातों को अडॉप्ट किया है, अपनी रूढि़यों को छोड़ा है दुनिया में सामान्यतः सोसायटियां नहीं कर सकती हैं. हम जहां गये हैं वहां हमने अपने प्रति दुनिया को देखने का दृष्टिकोण एक अलग प्रकार का बनाया है. मिलिट्रली, इकोनोमिकली भारत का सब कुछ प्राप्त किया. इन सब बातों के कारण से दुनिया के लोग भारत से एक वैश्विक शक्ति के रूप में भूमिका की अपेक्षा करते हैं”.
उन्होंने यह भी कहा, “वैश्विक शक्ति के रूप में भूमिका अदा करने के लिये हमारे पास सब कुछ है. लेकिन अपने देश के अन्दर जब हम वातावरण देखते हैं तो उस वातावरण के अन्दर  हमारा व्यवहार, हमार एैटिट्यूड एक वैश्विक शक्ति जैसा दिखता नहीं है. उसका कारण क्या है, तो बहुत सारे लोग बहुत सी बातें कहते हैं, वो कहते हैं कि दो बातें बेसिकली हैं जो इस कंट्री में आ जायें तो हमारे पास सब कुछ है, वी कुड चेंज. दुनिया जिस रोल की हमसे अपेक्षा करती है वह हम कर सकते हैं. वो कौन सी दो बातें हैं, वो कहते हैं कि दो बातें इस देश के अन्दर चाहियें, एक- इस देश के अन्दर एक कंट्री ऐसी बननी चाहिये, सोसायटी ऐसी बननी चाहिये जिसकी कोई ऐम्बिशन हो, जिसके पास कोई विजन हो”.
Shri Rajyavardhan Singh Rathor“दुनिया के अन्दर वो राष्ट्र भूमिका अदा करते हैं जिन राष्ट्र के अन्दर कुछ ऐम्बिशन होती है. उस राष्ट्र के अन्दर अपने देश को लेकर कुछ सपने होते हैं. राख के ढेर से जापान वैभव के महल बना सकता है, पचास साल के अन्दर 1800 साल बाद जो इज़रायल भूमि प्राप्त करता है. वह राष्ट्र तो रहा लेकिन भूमि नहीं रही. केवल 50 साल के अन्दर जर्मनी, जिस पर इतने प्रतिबंध लगा दिये गये, उस जर्मनी का एकीकरण भी होता है और जर्मनी एक शक्ति भी बनता है. 50 साल के अन्दर चीन अपने प्रति दुनिया का देखने का दृष्टिकोण बदल देता है तो भारत क्यों नहीं. उसका कारण केवल एक है कि देश के अन्दर आजादी के बाद इस देश में समाज के अन्दर जो ऐंबिशन जगनी थी, एक विजन चाहिये था और उस विजन को पूरा करने के लिये जो मिशन चाहिये था वो हम खड़ा नहीं कर पाये. इस देश को लेकर सपना, उस सपने को प्राप्त करने की दृष्टि, उस दृश्टि को पूरा करने के लिये मिशन के रूप में जीने की भावना. दूसरा, दुनिया के अन्दर अगर विजेता बनना है तो वी हैव टु क्रिएट ए स्ट्रेटेजिक सोसायटी. दुनिया के अन्दर क्षमता वाले लोग नहीं जीतते, ताकत वाले लोग नहीं जीतते, गुणवान लोग नहीं जीतते वो जीत सकते हैं पर वो हमेशा नहीं जीतेंगे, एक लड़ाई जीतना अलग चीज है विजेता बनना अलग चीज है. अगर हमको विजेता बनना है तो इस देश के अन्दर दो-पांच दस लीडर नहीं, 5-10-15-20 हीरोज नहीं हमको इस देश के अन्दर एक स्ट्रेटेजिक सोसायटी खड़ी करनी होगी.”
Shri Vijay ji“जिस देश का समाज बिजली, पानी, सड़क, गली, नाली इसके बाहर सोच नहीं सकता वो समाज दुनिया में कभी विजेता नहीं बन सकता. यह जो समाज है इस समाज का लेवल बढ़ाना पड़ेगा. मैं विचार करता हूं, मैं भी कौन हूं, मैं भारतीय हूं तो भारत का मतलब क्या है, दुनिया में भारत का रोल क्या है, भारत का अर्थ क्या है, इस लेबल के ऊपर समा जायेगा क्या. आजादी के बाद हम इस देश में ऐसी स्ट्रैटेजिक सोसायटी का निर्माण नहीं कर पाये.”
उन्होंने कहा कि दुनिया के एक कोने में स्थित वो दूरस्थ देश जिसके पास अपना सामर्थ्य नहीं अपने को आत्मनिर्भर बनाकर रखने का, उस ब्रिटेन के पास एक स्ट्रेटेजिक विजन था. इसलिये उसने भारत का उपयोग किया और वह  वैश्विक शक्ति बन गया. उसने इस्तेमाल हमारे संसाधनों और स्ट्रेटेजिक लोकेशन का किया. लेकिन भारत छोड़ने के बाद ब्रिटेन का हाल क्या हुआ, अगर वो बन सकते हैं तो हम क्यों नहीं बन सकते. उसका कारण केवल एक है कि इस देश के अन्दर आजादी के बाद एक सपना, देश को लेकर एक विजन, इस देश के लिये एक मिशन की भावना और सामान्य समाज के व्यक्ति के अन्दर जिस प्रकार का स्ट्रेटेजिक विजन चाहिये था वो हम खड़ा नहीं कर सके.
Panchjanya Organiser Visheshank Vimochanकेन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री श्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने कहा कि आईएसआईएस और अलकायदा जैसे आतंकवादी संगठनों की दृष्टि भारत के युवाओं पर है, क्योंकि इनको जो ताकत मिल सकती है वह भारत के युवाओं से मिल सकती और कहीं से इतनी ताकत नहीं मिल सकती. यूरोप, और चीन बूढ़े हो रहे हैं, सिर्फ भारत में इतनी संख्या में युवा हैं जो कहीं भी पार्टिसिपेट कर सकते हैं सही दिशा में भी और गलत दिशा में भी.
आईएसआईएस एक ऐसी ऑर्गनाइजेशन है जो बाकी सभी टैररिस्ट ऑर्गनाइजेशन से अलग है. यह टैरिटरी हथिया रहे हैं और टैरेटरी को होल्ड कर रहे हैं. कोई भी टैररिस्ट ऑर्गनाइजेशन टैरिटरी को होल्ड नहीं कर रही थी. पेरिस में अखबार के दफ्तर पर आतंकवादी हमला अलकायदा ने किया. यानी आज दुनिया के अन्दर जो दो बड़े आतंकवादी संगठन हैं – आईएसआईएस और अलकायदा. दोनों एक साथ नहीं हैं लेकिन अगेंस्ट भी नहीं हैं. यह अपने मत में एक हैं और यह दोनों इस्लाम की सुप्रीमेसी चाहते हैं, तरीके अलग हैं. अलग-अलग देशों में टैरर करना, खासतौर से वैस्टर्न कंट्रीज में टैरर करना या हिन्दुस्थान में टैरर करना, और एक है टैरिटरी को हथियाना. अब दोनों के अन्दर मुकाबला है. इस मुकाबले में यह दोनों भारत और अफ्रीका की तरफ देख रहे हैं.
pic 05युवा बेरोजगारों को ड्रग्ज और अल्कोहल के खतरों से आगाह करते हुए उन्होंने कहा कि यह डेमोग्राफिक बम की तरह है जो बड़े घातक सिद्ध हो सकते हैं. पड़ोसी देशों व्दारा भारत की घेरेबंदी के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि वे भारत को चारों ओर से घेर रहे है. कराची, बांग्लादेश और श्रीलंका में बहुत बड़े पोर्ट बनने जा रहे हैं. यह पोर्ट हिन्दुस्तान को इस तरह से घेर रहे हैं ताकि हिन्दुस्थान इंडियन ओसन से अलग हो जाये और एशिया के उपमहाव्दीप तक ही सीमित रहे. इंडियन ओसन इकोनोमिक गतिविधियों के लिये बहुत जरूरी है. गल्फ ऑफ अदन से लेकर स्टेट ऑफ मोरक्को तक 90 प्रतिशत जहाज उसी रास्ते से जाते हैं.
सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री सोमाली डाकुओं के मामले को रहस्यमय बताते हुए कहा कि विदेशी ताकतों ने इसे हिंदमहासागर में अपनी उपस्थिति और भारत के क्षेत्र को सीमित करने के लिये कूटनीतिक उपाय बनाया. नेपाल में चीन व्दारा बड़ी संख्या में कंप्यूशस केन्द्र खोले जाने को भारत के लिये चेतावनी बताते हुए उन्होंने कहा कि आने वाले समय में वहां के युवा चीन के प्रति निष्ठा रखेंगे. इसी प्रकार, पाकिस्तान के अल हदीस नामक वैचारिक संगठन ने भारत-नेपाल सीमा के चारों ओर मस्जिदें बनानी शुरू कर दी हैं. श्री राठौर ने टिप्पणी की “बड़ी अजीब बात है जहां एक ओर पाकिस्तान है जो पूर्ण रूप से इस्लाम पर विश्वास रखता है. दूसरी ओर, चीन है जो धर्म पर ही विश्वास नहीं रखता. लेकिन दोनों प्रैक्टिकल कारणों से साथ में आये हैं कि हिन्दुस्थान को किस तरह से सीमित किया जा सकता है”.
Rashtr Gaanश्री राठौर ने चीन की नेपाल में भारी पूंजी निवेश की रुचि पर ध्यान देने की जरूरत भी बताई जिसने एनर्जी, इन्फ्रास्ट्रक्चर, कम्युनिकेशन जैसे 9 कोर एरिया  चुने हैं.
उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान एक ऐसा देश है जो पाकिस्तान को न्यूट्रलाइज करने में भारत की मदद कर सकता है. लेकिन हाल ही में वहां एक ऐसी घटना हुई है जो हिन्दुस्थान के लिये बहुत घातक हो सकती है. तालिबान ने वहां तीन क्षेत्रों पर कब्जा किया है और वहां के राष्ट्रपति तालिबान से बात करके यह समझौता करने की कोशिश कर रहे हैं कि वो तीन राज्यों पर अपना राज्य स्थापित करें और बाकी अफगानिस्तान जैसा है वैसा चलता रहे. अगर ऐसा होता है तो वो तीन राज्य ऐसे हैं, जहां सबसे ज्यादा ड्रग्स का उत्पादन होता है. एक तरफ आईएसआईएस के पास पूरा तेल है. एक मिलियन डॉलर हर दिन की आमदनी है और अगर यह तीन राज्य तालिबान के पास होंगे तो पूरा का पूरा ड्रग्स उत्पादक क्षेत्र तालिबान के पास होगा.
नार्थ ईस्ट पर भारत को चीन के साथ एक हाइड्रोडिप्लोमेसी करने की जरूरत बताते हुए उन्होंने कहा कि वो ब्रह्मपुत्र के ऊपर बांध बनाने वाले हैं, वो उसको इंटरलिंक करेंगे और हमारे यहां पानी की मात्रा कम हो जायेगी. इसका भारत पर बहुत गंभीर असर पड़ेगा, यह मुद्दा जरूर इंटरनेशनल कोर्ट में जायेगा. तब भारत को यह बताने की आवश्यकता होगी की कि इस पूरे ब्रह्मपुत्र के क्षेत्र में कितनी आबादी रहती है. कितनों पर असर पड़ता है. इंटरनेशनल बॉर्डर की समस्या तो है ही. चीन ब्रह्मा और बांग्लादेश को प्रभावित करने की कोशिश में है. इसके लिये नार्थईस्ट में इंटरलिंकिंग की बहुत आवश्यकता है. हाईवे बनने बहुत जरूरी हैं, कनेक्टिविटी बढ़नी चाहिये, जिससे सिक्यूरिटी फोर्स को आने-जाने में आसानी हो, साथ ही वहां के लोगों की आर्थिक स्थिति अच्छी होगी तो वो आतंक के रास्ते से दूर हो जायेंगे. साथ ही दूरदर्शन द्वारा हमारा कल्चर वहां तक पहुंचना बहुत जरूरी है. उनका कल्चर चारों तरफ फैलना बहुत जरूरी है, उनको एक अपनापन लगना बहुत जरूरी है इस दिशा में सरकार ने काम करना शुरू कर दिया है.
समारोह के प्रारम्भ में पाञ्चजन्य के संपादक श्री हितेश शंकर ने सुरक्षा पर संवाद की पृष्ठभूमि को रेखांकित किया. भारत प्रकाशन (दिल्ली) लि. के प्रबंधनिदेशक श्री विजय कुमार ने दोनों पत्रों की उत्तरोत्तर प्रगति के लिये श्री शंकर और श्री केतकर की सराहना की और धन्यवाद ज्ञापन किया.

Tuesday, January 13, 2015

Swayamsevaks at seva activity

Tuesday, January 13, 2015

Swayamsevaks at seva activity



12 Swayamsevaks under the leadership of Shri Kalyan Babu, Bhag Karyavah and Shri Prakash, Nagar Karyavah participated in cleaning the Bus stop area, Valluvar Kottam as a part of Seva Sanghik activity. Public too participated with swayamsevaks in cleaning the area.  It has been further decided to involve the local shop keepers and retail sellers in keeping the place clean.  






Vijayabharatham website launched

Vijayabharatham website launched
Vijayabharatham, Nationalist Tamil weekly being regularly published for the last 38 years has launched its website www.vijayabharatham.com on January 12, being the auspicious occasion of Vivekananda Jayanti. Nonagenarian RSS Pracharak Shri K Suriyanarayana Rao while formally launching the website observed that Vijayabharatham should keep abreast of fast changing communication modes in order to Tamil speaking diasporas in countries like Singapore, Malaysia etc.  He wished all the best for the success of the site.  Shri M Veerabahu, Editor of Vijayabharatham observed that it is a long pending demand from Tamil readers abroad and it is being fulfilled now.  The team working on the website indicated future additions to enrich the site. Shri Sethumadhavan, member, all India executive of RSS was also present.

Youth pledges for a true cause

Monday, January 12, 2015

Youth pledges for a true cause


Commemorating the National Youth Day, Vivekananda Youth forum organized a programme for college students at Vel’s College Pallavaram.  800 students representing 15-20 from 36 colleges of Chennai, 43 NSS Project officers, 41 College Administrators and Principals attended the programme.  A video show on Punya Bhumi Bharatham was shown to the students.  VIT Chairman Vishwanathan, R K Raghavan, former CBI Director, K.Kumaraswamy, Uttar Tamilnadu Prant Karyavah addressed the gathering.  Shri B Prakash, Prant Vidyarthi Pramuk appealed the youth to take oath.  Accordingly, entire students present enthusiastically took oath on ‘No alcohol drinking’; ‘No drug’; will educate the co-students and take this message to the society.  Further they also took oath to serve a village monthly.  College wise discussions were conducted for action plan. Vivekananda Jayanthi is celebrated all over the country and pushpanjali was performed at various places. 
 

In Tamilnadu pushpanjali were performed to Swami Vivekananda.  Marathan run by youth (both men and women) numbering 6000 for 12 kilometers in Krishnagiri district was conducted. 










Spirit of oneness – SEIL

Spirit of oneness – SEIL


Students Experience in Inter State Living (SEIL), an initiative of ABVP, to establish a cultural rapport and to provide opportunities to the youth of the country to experience Unity in Diversity, a special programme was organized in Chennai to celebrate its Golden jubilee.  National Integration tour of North East students to the rest of the country is arranged to make them aware of the cultural similarities across the nation.  North-East Students performed various cultural programmes exhibiting the culture of their seven states.  

Shri P Sriam, Chairman, Chennai Institute of Technology spoke.  Shri M Balasubramaniam, Director, Mangal Thirth Estate Ltd. emphasized that our pride lies in the richness of our culture.  Speaking at length, he said knowledge, character and religion plays a vital role in shaping the society.  Retd IAS N Murugan appealed to contribute one’s efforts to develop integration. 



In a special address by Shri Atul Kulkarni, Secretary SEIL said,  “…North East being richest in its culture and heritage, lack of awareness of these States is the issue of concern.  People should develop contact with each other and understand their ethical values.  Relationship continues even generations also.  Various workshops are conducted to read, understand more about North-East and their culture.”
Dance exhibiting the culture were part of the programme and one could see the hall was with full of spirit of togetherness.