Sunday, March 19, 2017

प्रतिनिधि सभा में पश्चिम बंगाल में हिन्दू समाज की स्थिति और दुःखों पर प्रस्ताव पारित किया जाएगा

कोयम्बटूर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की वार्षिक बैठक 19 मार्च, रविवार से सरकार्यवाह सुरेश भय्या जी जोशी की अध्यक्षता तथा पू, सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी की गरिमामय उपस्थिति में कोयम्बटूर में प्रारम्भ हुई. तीन दिन तक चलने वाली प्रतिनिधि सभा में संघ सहित 40 विविध संगठनों के 1400 कार्यकर्ता भाग ले रहे हैं. बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 11 क्षेत्रों, 42 प्रांतों के कार्यकर्ता, संघ प्रेरित विविध संगठनों के चयनित राष्ट्रीय पदाधिकारी, तथा देशभर में शाखाओं से निर्वाचित प्रतिनिधि बैठक में भाग ले रहे हैं.
अ.भा. प्रतिनिधि सभा के उद्घाटन सत्र के पश्चात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह वी. भगय्या जी ने कोयम्बटूर में प्रेस वार्ता को संबोधित किया.
उन्होंने कहा कि देशभर में संघ की शाखाओं में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है. पिछले दस वर्षों में संघ कार्य निरंतर बढ़ा है. वर्तमान में देश में विभिन्न स्थानों पर 57,233 शाखाएं, 14,896 साप्ताहिक मिलन, और 8,226 मासिक मंडलियां चल रही हैं. देशभर की 19121 सेवा बस्तियों में संघ के स्वयंसेवकों द्वारा सेवा कार्य किये जा रहे हैं. संघ कार्य के विस्तार के साथ दृढ़ीकरण भी हो रहा है. पिछले वर्ष देश भर में आयोजित प्राथमिक शिक्षा वर्गों में एक लाख युवाओं ने भाग लिया, 20 दिवसीय प्रथम वर्ष संघ शिक्षा वर्ग में 17500 शिक्षार्थियों ने भाग लिया, द्वितीय वर्ष संघ शिक्षआ वर्ग में 4130 तथा तृतीय वर्ष संघ शिक्षा वर्ग में 973 शिक्षार्थियों ने भाग लिया.
प्रतिनिधि सभा की बैठक में पारित होने वाले प्रस्ताव पर उन्होंने कहा कि बंगाल में हिन्दुओं की स्थिति चिंताजनक है. हिंसा, लूट, हत्या, और मुस्लिम तुष्टीकरण की नित अपने चरम पर है. प्रदेश की सरकारी मशीनरी और पुलिस हिन्दू तथा हिन्दू त्यौहारों पर हो रहे हमलों को लेकर मूक दर्शक बने हु
ए हैं (पं. बंगाल में हाल ही में धूलागढ़ और कलियाचक के हमले). प्रतिनिधि सभा की बैठक में समाज को जागृत करने और सरकार से आग्रह करने के लिये. पश्चिम बंगाल में हिन्दू समाज की स्थिति और दुःखों पर प्रस्ताव पारित किया जाएगा.

Wednesday, March 15, 2017

जबरन धर्मांतरण और दूसरे धर्मों के पूजा स्थलों पर आक्रमण करना इस्लाम में अपराध : नवाज शरीफ

यदि एेसा है तो आज पाकिस्तान में हिन्दुआेंकी स्थिती एेसी क्यों है ? स्वतंत्रता के बाद २१ प्रतिशत होनेवाले भारतीय आज मात्र ९ प्रतिशत शेष है, इसका कारण केवल जिहादी आक्रमण आैर धर्मांतरण ही है 

इस्लामाबाद – पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा है कि, जबरन धर्मांतरण और दूसरे धर्मों के पूजा स्थलों पर आक्रमण करने को इस्लाम में अपराध माना गया है। शरीफ ने यह बात होली पर आयोजित एक समारोह के दौरान कही। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान किसी धर्म के खिलाफ नहीं है और यहां धर्म को लेकर कोई लड़ाई भी नहीं है।   पाकिस्तान में हिंदू मंदिरों पर आक्रमण और हिंदू महिलाओं के जबरन धर्मांतरण की कई घटनाएं होती रही हैं।
होली पर हिंदुओं को शुभकामनाएं देते हुए नवाज ने कहा कि कौन स्वर्ग में जाएगा और कौन नर्क में, यह तय करना किसी का काम नहीं है बल्कि पाकिस्तान को धरती का स्वर्ग बनाना असली काम है। पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों को संदेश देते हुए शरीफ ने कहा, ‘इस्लाम में हर व्यक्ती को महत्व दिया गया है, चाहे वह किसी भी जाति, संप्रदाय या धर्म का हो। मैं यह साफ कहना चाहता हूं कि किसी का जबरन धर्मांतरण करवाना अपराध है और यह हमारा फर्ज है कि हम अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थलों की सुरक्षा करें।’ 
शरीफ ने स्वीकार किया कि कुछ लोगों ने धर्म के आधार पर लोगों को बांटने की कोशिश जरूर की है, पर पाकिस्तान में हर इंसान को अपना धर्म मानने की छूट है। उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान इसलिए अस्तित्व में नहीं आया कि वह किसी धर्म के खिलाफ था। पाकिस्तान में किसी धर्म को छोटा या कम समझना गलत है। मैं ऐसा पाकिस्तान चाहता हूं जहां हर धर्म के लोगों के लिए समान अवसर हों और वे खुद को और अपने परिवार को एक अच्छी जिंदगी दे सकें। पाकिस्तान में सभी के लिए शांति और सुरक्षा हो।’
पाकिस्तान के ग्रामीण इलाकों में हिंदू महिलाओं के अपहरण और जबरम धर्मांतरण की घटनाएं होती रही हैं। हालांकि पिछले दिनों हिंदू महिलाओं के जबरन धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिए पाकिस्तान में हिंदू मैरेज ऐक्ट पास किया गया था, किंतु फिर भी ऐसी घटनाएं पूरी तरह रुकी नहीं हैं।
स्त्रोत : नवभारत टाइम्स

Manthana organised 2-day Social Media Meet held at Mangaluru

Mangaluru March 09, 2017: Manthana, an intellectual forum for nationalist dialogue had organised 2-day Social Media Meeet on March 4 and 5, 2017 at Sanghaniketan Mangaluru. 106 select Social Media activists from 4 districts namely Udupi, Dakshina Kannada, Kodagu and Kasaragod participated in this educ
On March 04, 2017 Swami Ekagamyananda of Ramakrishna Matha Mangaluru inaugurated the Social Media Meet at 6.00pm. The meet was inauguareted in a unique way by watching a thoughtful French documentary ‘The Red Balloon’ (1956) directed by Albert Lamorisse. Swami Ekagamyananda narrated the use of Social Media in Social Transformation quoting his experience of the Swacch Mangaluru initiative by Ramakrishna Matha in Mangaluru.
RSS Pranth Sah Prachar Pramukh Pradeep explained the significance of the 2-day Social Media Meet. He also added on the topic ‘the Role and responsibilities of a Social Media activist’.
Post-Dinner, a video on making of a popular Kannada Movie Lucia was screened. It was the first crowd funded movie in Kannada through Social Media. Movie Critic Pradeep Shetty Kenchanooru explained the on the successful planning and utilisation of Social Media in making of this movie.
On Sunday morning of March 5, two simultaneous parallel sessions were held. BJP functionary Vikas Puttur addressed on Socio-Economic significance and challenges of Mangaluru. Another BJP functionary Brijesh Chowta spoke on Political and Social challenges and importance of Coastal Mangaluru.
Senior Research Director of Mythic Society Bengaluru Dr Raghottham Suderarajan addressed on Case studies of Social Media in view of few recent developments of Social Media which lead to national debates.
Dr Ajakkala Girish Bhat engaged a session in which a training was given as how to do a creative writing. Journalism Professor Sriraj Gudi addressed on Documentary making for the effective communication.
RSS Akhil Bharatiya Sah Prachar Pramukh J Nandakumar addressed at the valedictory of the social meet. He emphasised the fact that ‘the Social Media is a platform to unite the diverse minds. It should unite us ideologically for a greater cause’.
Prior registration was compulsory for the meet. A total of 106 select social media activists attended the meet.

Thursday, March 09, 2017

सात दिन के शिशु की मृत देह का एम्स में देह दान

आरएसएस के वरिष्ठ स्वयंसेवक ने अपने सात दिन के मृत पौत्र की देह दान की
नई दिल्ली. शिशु आंचल गुप्ता (पुत्र श्री सूरज गुप्ता और श्रीमती आंचल गुप्ता) का जन्म 1 मार्च 2017 को पटपड़गंज स्थित मैक्स अस्पताल में हुआ था. उसके जन्म से परिवार में खुशियां छा गईं. बहरहाल, शिशु अल्पायु था. जन्म के कुछ घंटे बाद ही उसके माता-पिता को सूचना दी गई कि उसकी आर्टरीज़ उलझी हुई हैं और शिशु को हल्का दिल का  दौरा पड़ा है.
परिवार शिशु को एम्स ले गया. जन्म के सातवें दिन ही आंचल की वहां ओपन हार्ट सर्जरी की गई जो छह घंटे चली. एम्स के डॉक्टरों ने जी-तोड़ मेहनत की, लेकिन शिशु को नहीं बचा सके. ऑपरेशन के तत्काल बाद 7 मार्च, 2017 को आंचल की मृत्यु हो गई.
आंचल के दादा अरविन्द जी और पिता सूरज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता हैं. अरविन्द जी ने कहा, “मेरे दिमाग में आया कि मेरा पोता नहीं रहा, लेकिन अपनी मृत्यु के बाद चिकित्सा विज्ञान के मकसद में अगर यह काम आ सके तो इस धरती पर उसका कुछ घंटों के लिए आना सफल हो जाएगा.’’ अरविन्द जी से शिशु आंचल की मृत देह एम्स को दान करने का प्रस्ताव रखा. सूरज और उनकी पत्नी भी राज़ी हो गए, लेकिन परिवार के कुछ अन्य सदस्यों ने विरोध किया. अरविन्द जी और सूरज शिशु की देह दान पर अडिग रहे, विरोधों की परवाह नहीं की और चिकित्सा शिक्षा के लिए एम्स से मृत देह को उपहार स्वरूप स्वीकार करने का अनुरोध किया.
दधीचि देह दान समिति ने तुरंत देह दान की व्यवस्था की. शिशु आंचल की मृत देह रात को साढ़े ग्याहर बजे एम्स के एनाटमी विभाग को दान कर दी गई.
एम्स के कार्यकारी निदेशक डॉ. बलराम ऐरन ने कहा, “यह उपहार बेशकीमती है क्योंकि यह नन्हीं देह हमारे विद्यार्थियों को मानव देह के कुछ जटिल मुद्दों को पढ़ा सकेगी. खास तौर पर इसलिए कि सात दिन का यह शिशु दिल की खास बीमारी से पीडित था.”
दिल्ली विधान सभा के स्पीकर राम निवास जी ने कहा, “अरविन्द के परिवार ने ऐसे कठिन समय में अत्यधिक साहस और धैर्य दिखाया है. दिल्ली की जनता इस चरम बलिदान के लिए हमेशा शुक्रगुज़ार रहेगी. यह दान बड़ी संख्या में लोगों को प्रेरित करेगा और स्वस्थ एवं सबल भारत के उद्देश्य को बढ़ावा देगा.’’
अमित कुमार सिंह
कर्यालय सचिव, दधीचि देह दान समिति

गुरू गोविंद सिंह जी के समान पुरुषार्थ, साहस, त्याग और समर्पण की आवश्यकता – सुरेश भय्या जी जोशी

सूरत, गुजरात (विसंकें). सर्वंशदानी गुरु गोविंद सिंह जी के 350वें प्रकाशवर्ष के अवसर 6 मार्च, रविवार को सूरत में आयोजित समागम कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह सुरेश भय्या जी जोशी संबोधित किया. उन्होंने कहा कि अपना देश संतों का देश रहा है, इस देश में कई महापुरुषों का सान्निध्य हमें प्राप्त होता रहा है. मैं सोच रहा था कि हम 350वां प्रकाशवर्ष क्यों मना रहे हैं, क्या गुरु गोविंद सिंह जी की महिमा का वर्णन करने के लिए हम कर रहे हैं?…………. नहीं, उनकी महिमा और उनके जीवन का वर्णन हम जैसे सामान्य लोग क्या करेंगे? सम्मान तो इसलिए कर रहे हैं क्योंकि इससे हमें भी कुछ ऊर्जा मिलेगी, कुछ शक्ति मिलेगी, कुछ साहस जुटा पाएंगे और सब प्रकार की प्रतिकूल परिस्थिति में हम डटकर खड़े रहेंगे. इसलिए उनका स्मरण करना है. आज अगर देश को किसी बात की आवश्यकता होगी तो उस पुरुषार्थ की आवश्यकता है, उस साहस की आवश्यकता है, उस त्याग और समर्पण की आवश्यकता है, अपना सर्वस्व न्योछावर करने की आवश्यकता है. ये सारी प्रेरणा कहां से मिलेगी और मैं आज मानता हूँ कि दशम गुरू, गुरू गोविंद सिंह जी से श्रेष्ठ और कौन हो सकता है. कश्मीर में हिन्दुओं पर अत्याचार के समय गुरू तेग बहादुर धर्म की रक्षा करते हुए बलिदान हो गए.
सरकार्यवाह जी ने कहा कि गुरू गोविंद सिंह जी एक बहुमुखी प्रतिभा थे, एक श्रेष्ठ कवि थे, आयुर्वेद का अध्ययन किया था, खगोल शास्त्र के ज्ञाता थे. इसी प्रकार ब्रज, अवधि, फारसी, अरबी भाषा के जानकर थे और जब संघर्ष का अवसर आया, तब अपनी तलवार का, अपनी कृपाण का पानी विश्व को दिखा दिया. इसलिए जब भक्ति के मार्ग पर चलने की लोगों को प्रेरणा देना है तो संत बनना पड़ता है, जब धर्म की रक्षा करना है तो सैनिक बनना पड़ता है. ऐसे संत और सैनिक दोनों का समागम जिनके जीवन में दिखायी देता है, वो हैं गुरु गोविंद सिंह जी.
अपने यहां हिन्दू समाज में चार वर्णों की बात कही गई है, हमने समाज को चार भागों में बाँट दिया. दशम गुरू कहते हैं कि ‘जब तक समाज का प्रत्येक व्यक्ति चार वर्णों के गुणों से संम्पन्न नहीं बनेगा, तब तक समाज समाज नहीं रहेगा वो समाज टूट जाएगा’. आज सामाजिक समरसता का सबसे अच्छा उदाहरण हमें गुरूद्वारे में देखने को मिलता है, जहां समाज का श्रेष्ठ व्यक्ति भी श्रद्धापूर्वक सफाई कार्य करता हुआ, हमें देखने को मिलता है. भक्ति का रास्ता अपने अंदर की शक्ति को जगाने के लिए है, कायर समाज कभी सम्मान के साथ नहीं जी सकता. समाज जीता है तो शक्ति के बल पर ऐसे पुरुषार्थी समाज की रचना गुरु गोविंद सिंह जी ने की. अपने परिवार का बलिदान कर दिया, लेकिन इस्लाम नहीं स्वीकारा.
खालसा पंथ में दो शब्द चलते हैं संगत और पंगत. संगत में व्यक्ति आता है, गुरुवाणी सुनकर भाव विभोर हो जाता है, भक्ति से अंत:करण भर जाता है और पंगत में बैठता है तो सब प्रकार के भेदों को भूलकर में हम सब एक ही ईश्वर की संतान हैं, एक ही ईश्वर के अंश हैं. इस भाव के साथ सब एक साथ भोजन करते हैं. वहां कोई ऊंचनीच का भेद नहीं होता. क्या आज 350 वर्ष के बाद भी ये सारे संदेश प्रासंगिक नहीं है, क्या आज देश को उनके बताए मार्ग पर चलने की आवश्यकता नहीं है. आज उनके बताए मार्ग पर चलने की आवश्यकता है. आज अन्याय, अत्याचारों को सहन करने वाला समाज नहीं चाहिये. आज भारत को अगर दुनिया के सामने खड़ा रहना है तो गुरु गोविंद सिंह जी के संदेशों का स्मरण करते हुए अंत:करण में उन भावनाओं को प्रखर करने की आवश्यकता है.
भय्या जी जोशी ने कहा कि देश को श्रेष्ठ सिद्धांतों पर चलाएं न कि व्यक्तियों के बल पर, व्यक्ति आता है चला जाता है. व्यक्ति के प्रति निष्ठा रखना जीवन का अधूरापन है क्योंकि व्यक्ति की अपनी एक सीमा है और इस संदर्भ में जब हम गुरू गोविंद सिंह जी के जीवन को देखते है तो पाते हैं कि उन्होंने हमें जीवन का मार्गदर्शन, त्याग समर्पण बलिदान का संदेश देने लिये, हम सब के सामने गुरु ग्रंथ साहब को रखकर गये. हम उस पर माथा टेकते हैं और यही कामना करते हैं कि उसमें जो लिखा हुआ है, वह हमारे मन मस्तिष्क में उतरे और मन मस्तिष्क में उतरा हुआ वह विचार आचरण के धरातल पर सारा समाज, सारा विश्व अनुभव करे. यही उनके जीवन का श्रेष्ठ संदेश है और इसलिए गुरू ग्रंथ साहब को गुरु स्थान पर विराजमान किया. गुरुग्रंथ साहब हम सब के लिए वन्दनीय है.
इस अवसर गुजरात के मुख्यमंत्री विजयभाई रूपाणि ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी का 350वां प्रकाश वर्ष सारा देश मना रहा है. गुरू गोविंद सिंह जी की वीरता, शौर्य, उनके परिवार का बलिदान भी इतिहास में अमर है. भाग्यशाली हैं क्योंकि गुरू गोविंद सिंह जी के पंच प्यारों में गुजरात के द्वारका से मोहकम चंद भी चुने गए थे. गुरू गोविंद सिंह जी मुग़ल सल्तनत का सामना करने के लिए समाज जो शक्ति दी थी, वह आज भी प्रेरणास्रोत है. गुरू गोविंद सिंह जी केवल सिख समाज के आदर्श नहीं, वरन संपूर्ण हिन्दू समाज के लिए आदर्श हैं. गुजरात सरकार एक कार्यक्रम करने जा रही है, जिसमें सिख समुदाय के साथ लगभग 50 हजार लोग सहभागी होंगे. कार्यक्रम में गुरू गोविंद सिंह जी के जीवन की संपूर्ण कथा का मंचन किया जाएगा.
इस अवसर पर राष्ट्रीय सिख संगत उदघोष (गुजरात विशेषांक) का विमोचन गुजरात के मुख्यमंत्री विजयभाई रुपानी, सिख संगत के राष्ट्रीय महामंत्री अविनाश जयसवाल, राष्ट्रीय महासचिव डॉ. अवतार सिंह तथा गुजरात के पदाधिकारियों की उपस्थिति में किया गया. कार्यक्रम के प्रारंभ में प.पू. शाह गुरविंदर सिंह जी ने आशीर्वचन दिया.

‘RSS strongly condemns the attempt of The New York Times to malign the image of RSS’: Dr Manmohan Vaidya

New Delhi, March 09, 2017: 
RSS Press Release:
‘RSS strongly condemns the attempt of The New York Times to malign the image of RSS’: Dr Manmohan Vaidya, RSS Akhil Bharatiya Prachar Pramukh.
Details Attached.

MAFSU awards ‘Doctor of Science’ to RSS Sarasanghachalak Mohan Bhagwat at Nagpur

Nagpur March 09, 2017: Maharashtra Animal and Fishery Sciences University, Nagpur awarded ‘Doctor of Science’ to RSS Sarasanghachalak Mohan Bhagwat on the occasion of its 8th Convocation Ceremony held today at Nagpur.
Maharashtra Governor Vidyasagar Rao, Chief Minister Devendra Fadnavis attended the convocation ceremony.

Wednesday, March 08, 2017

अजमेर ब्लास्ट केस: असीमानंद सहित 5 बरी

अजमेर ब्लास्ट केस में आरोपी स्वामी असीमानंद सहित 5 अन्य को एनआईए की जयपुर कोर्ट ने बरी कर दिया है, जबकि 3 दोषी पाए गए हैं। एनआईए ने कहा है कि उनके खिलाफ सबूत नहीं पाए गए, जबकि 2011 में असीमानंद को इसी जांच एजेंसी ने ब्लास्ट का मास्टरमाइंड बताया था। सुनील जोशी, भावेश पटेल और देवेंद्र गुप्ता को दोषी पाया गया है। जोशी की मौत हो चुकी है।

RSS welcomes court decision of acquitting Swami Aseemanand in Ajmer Blast Case

 Rajasthan March 08, 2017: Swami Aseemanand and six other people accused in the 2007 Ajmer Dargah blast were acquitted, while three others were convicted, by a special National Investigation Agency (NIA) court in Jaipur today.
RSS Welcomes this decision of the special NIA court said RSS Rajasthan Kshetreeya Sanghachalak Dr Bhagavati Prasad Sharma.

स्वामी असीमानन्द जी के बरी होने के न्यायलय के इस निर्णय का हम स्वागत करते हैं।

दिनाँक : 8 -मार्च-2017
प्रेस विज्ञप्ति
 राजस्थान क्षेत्र के संघचालक माननीय भगवती प्रसाद जी शर्मा ने बताया की स्वामी असीमानन्द जी को अजमेर बम धमाको में बरी करने के न्यायालय के निर्णय का हमस्वागत करते हैं। न्यायालय का निर्णय आने का बाद उन लोगो को करारा जवाब मिला है जो हिन्दू जीवन पद्धति को आतंकवाद का जामा पहनाना चाहते थे।  पूर्ववर्ती  सरकारने भी “भगवा आतंकवाद ” का नाम देकर आतंकवाद को नए सिरे से परिभाषित किया व देश के लोगो को गुमराह करने का कार्य किया । इस तरह की ताकते एक तरफ तोआतंकवाद का धर्म नहीं होने का दावा करती है और दूसरी और हिन्दू सन्तों को  फँसाने का कार्य कर भगवा आतंकवाद को परिभाषित करती हैं।  ये ताकतें देश , समाज वसंस्कृति को तोड़ना चाहती हैं।
स्वामी जी के बरी होने के न्यायलय के इस निर्णय का हम स्वागत करते हैं।
भगवती प्रसाद  शर्मा
राजस्थान क्षेत्र के संघचालक

Monday, March 06, 2017

RSS condolences message on death of Sj. Rabi Ray


कैरियरिस्ट के साथ साथ नेशनलिस्ट भी बनें युवा – साकेत बहुगुणा

साहिबाबाद, गाजियाबाद (विसंकें). अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के मीडिया प्रभारी साकेत बहुगुणा ने कहा कि युवा शक्ति पर ही देश का भविष्य निर्भर है, आज देश विरोधी ताकतें युवाओं को भ्रमित करने में लगी हैं. इसलिए ये अति आवश्यक है कि युवा जागरूक बनें और अपने करियर के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण के कार्य में भी सहयोग दें. साकेत जी ITS कॉलेज, गाजियाबाद में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ वैशाली महानगर द्वारा आयोजित युवा शंखनाद कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे.
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ वैशाली महानगर द्वारा युवा शंखनाद का आयोजन किया गया, जिसमें 800 से अधिक युवाओं ने भाग लिया. कार्यक्रम का प्रारम्भ सुबह 10 बजे आध्यात्मिक गुरू पवन सिन्हा जी द्वारा दीप प्रज्ज्वलन व  मार्गदर्शन से हुआ. उन्होंने हिन्दू संस्कार व संस्कृति की विशेषता पर ध्यान आकृष्ट कराया और युवाओं को सकारात्मक विचार के साथ उच्च चरित्र एवं इतिहास का सही अध्ययन व एकाग्रता पर जोर दिया. उसके पश्चात धीरज चौहान ने युवाओं को जीवन में सफलता के गुर बताए.
तत्पश्चात साकेत बहुगुणा ने रामजस कॉलेज के घटनाक्रम से सभी युवाओं को रूबरू कराते हुए कहा कि योजनाबद्ध तरीके से  वामपंथी विचार के लोगों ने राष्ट्रद्रोह के आरोपी को अपने कार्यक्रम में बुलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की है. अब समय आ गया है कि युवा “भारत तेरे टुकड़े होंगे” जैसे विचार रखने वाले लोगों से सावधान रहें. युवाशक्ति को जागरूक होकर भारत को समृद्धशाली राष्ट्र बनाने में सहयोग करना होगा.
कार्यक्रम में विभिन्न कॉलेजों के विद्यार्थियों द्वारा देश भक्ति, हास्य कविता के साथ-साथ अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये गए. इंजीनियरिंग कॉलेज के विद्यार्थियों ने जलियावालां बाग हत्याकांड पर बहुत ही सुन्दर नाट्य प्रस्तुति दी.
सभी युवाओं संघ के सेवा प्रकल्पों के बारे में जानकारी दी. कार्यक्रम में विशेष रूप से क्षेत्र शारीरिक प्रमुख रणवीर जी, विभाग संघचालक रवि प्रकाश जी, विभाग कार्यवाह विजय गोयल जी सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे.

केरल में राष्ट्रपति शासन लागू हो, केंद्र हस्तक्षेप करें – राकेश सिन्हा जी

इंदौर (विसंकें). विचारक एवं दिल्ली विश्वविद्यालय में राजनीति शास्त्र के प्रोफेसर प्रो. राकेश सिन्हा जी ने कहा कि केरल में हो रही राष्ट्रवादियों की हत्या दुर्भाग्यपूर्ण है, इस संहार को रोकना अति आवश्यक है. ये राजनीतिक द्वेष से की गई हत्याएं हैं. देश की राजनीति का पतन हुआ है, इस देश की राजनीति की दिशा हमें तय करनी होगी कि इसमें राष्ट्रवाद है या नहीं. उन्होंने कहा कि केरल में लगातार हो रही हत्याओं से सम्पूर्ण देश में आक्रोश है. इस हालत में केरल में केंद्र सरकार को हस्तक्षेप करते हुए, वहां फौरन राष्ट्रपति शासन लगाना चाहिए. भारत के विचार पर प्रहार उन ताकतों द्वारा हो रहा है, जिन्हें विदेशों से लगातार आर्थिक और वैचारिक सहायता मिलती रही है. भारतीय राष्ट्रवाद सांस्कृतिक हो, राजनीतिक नहीं. सिर्फ संवैधानिक अधिकारों का उपयोग करना राष्ट्रवाद नहीं है, राष्ट्रवाद का तात्पर्य मिट्टी, मनुष्य व इतिहास से प्रेम करना है.
राकेश सिन्हा जी डॉ. हेडगेवार स्मारक समिति के तत्वाधान में आयोजित दो दिवसीय चिंतन यज्ञ के द्वितीय दिन के सत्र में संबोधित कर रहे  थे. लाभ-मंडपम, अभय-प्रशाल में आयोजित कार्यक्रम की प्रस्तावना डॉ. निशांत खरे जी ने रखी. सीए एसोसिएशन के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज फडनीस जी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की. मुख्य अतिथि सेवानिवृत एयर मार्शल जयंत जी आप्टे थे. कार्यक्रम का संचालन अभय शर्मा जी ने किया और आभार प्रदर्शन रत्नेश दूबे जी ने किया.

India hoists tallest tricolour at Attari border, can even be seen from Lahore

India has hoisted a huge national flag near its border with archrival Pakistan. It has now turned into a major attraction for the thousands of tourists who visit the place daily to watch the iconic flag-lowering ritual.

India's biggest tricolor - measuring 110 meters (360-foot) in length, 24 meters in width and weighing 55 tons - is an engineering marvel. It was inaugurated on Sunday, March 5, near India's international border with Pakistan. 
To erect it at Attari, a small border village in the state of Punjab, special cranes as well as seven big trolleys had to be brought all the way from Mumbai.
What's more, three 65-foot-high poles, each with light-emitting diodes (LED), illuminate the flag which is said to be high enough to be visible from the Pakistani city of Lahore.
 The entire project cost some 3.5 crore rupees (about 500,000 euros, $530,000).
'Adding to the optics'
"This dream project has finally turned into reality and we have set it up near the tourist building just around 200 meters from the India-Pakistan border. It is symbolic and the locale is ideal," Anil Joshi, a minister in the state of Punjab, told DW following the inaugural ceremony. "Since it is just near the border where thousands come every day to watch the retreat ceremony, it will inculcate a strong sense of patriotism," added Joshi.

RSS 3-day Annual meet Akhil Bharatiya Pratinidhi Sabha (ABPS) to be held on March 19, 20 and 21, 2017 at Coimbatore, Tamilnadu

Coimbatore, Tamilnadu March 06, 2017: Annual meeting of Akhil Bharatiya Pratinidhi Sabha (ABPS), the highest body for policy formulation and decision making of Rashtreeya Swayamsevak Sangh (RSS), will be held on March 19, 20 and 21 of 2017 at premises of Sri Amrita Vishwa Vidhyashram, Coimbatore in Tamilnadu.
RSS Sarasanghachalak Mohan Bhagwat will inaugurate the ABPS meet on Sunday morning of March 19. RSS Sarasanghachalak Mohan Bhagwat and Sarakaryavah (General Secretary) Suresh Bhaiyyaji Joshi will jointly chair the 3-day proceedings during this ABPS-2017 meet.
State level office bearers of RSS across the nation, National office bearers of RSS inspired (Sangh Parivar) organizations, Selected representatives elected from RSS-Shakhas of all regions of the country and few others will attend all the three days of the meeting.
Prominent leaders from Bharatiya Kisan Sangh (BKS), working for the farmers;  Vanavasi Kalyan Ashram (VKA), a tribal welfare organization; Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad (ABVP) one of the biggest student organization of the country; Bharatiya Majdoor Sangh (BMS) a leading workers union; Vishwa Hindu Parishad (VHP), a forum of Sadhus, Sants and Pontiffs; Bharatiya Janata Party (BJP), one of the most important political party of the nation; are attending the meeting.
Office bearers of Vidya BharatiVijnana BharatiKreeda BharatiSevabharati, Samskrita Bharati, Samskara Bharati, Laghu Udyoga Bharati as well as leaders from Rashtra Sevika Samithi, Swadeshi Jagaran Manch, Deendayal Samshodhana Samsthe, Bharat Vikas Parishad, Akhil Bharatiya Shaikshik Mahasangh, Dharmajagarana, Vishwa Vibhag will be participating in the 3-day conclave.
Several organizations with special focus like – Sakshama, working for the blind; Seema Suraksha Parishat, which is committed to boost confidence among people of border districts, Poorva Sainika Parishat, working among retired soldiers will be represented in the meeting.
Activities of all these orgainizations will be submitted in the meeting.  State-wise activities of the RSS will be reviewed. Important national issues will be discussed and necessary resolutions will be passed in the meeting.
More than 1400 Social workers of different walks of life from nook and corners of the country will be participating in the meeting.
The major updates of RSS ABPS meet-2016 will be posted regularly on www.vskodisha.com


RSS Dakshin Tamilnadu Pranth Sanghachalak Marimuttu addressing the Press Meet

Sunday, March 05, 2017

अगली क्रांति भारत के विचारों, मूल्यों व संस्कारों की होगी – विवेक अग्निहोत्री जी

इंदौर (विसंकें). फिल्म निर्देशक विवेक अग्निहोत्री जी ने कहा कि अब अगर देश में कोई बड़ी क्रांति आएगी तो वह है, भारत के मूल्यों की, भारत के विचारों की, और भारत के संस्कारों की तथा इसका साक्षी होगा हमारे देश का युवा. लेकिन ऐसा देखने में आया है कि कई बार हमारे देश का मीडिया इन मूल्यों को रोकने का प्रयास करता है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और भारतीय विचार को दूसरे देश तथा दूसरे देश का मीडिया अधिक विशिष्ट स्थान देता है. परंतु हमारे देश का मीडिया जगत हमारी इन बातों को गंभीरता से नहीं लेता और उसके कारण युवाओं का वैचारिक मन बनने में समय लगेगा. नेगेटिव केवल मीडिया के पास था, लेकिन सोशल मीडिया के कारण युवाओं के हाथ में आ गया है. सिटिजन जर्नलिज्म में भारतीय सोच का विस्तार हो रहा है.
विवेक अग्निहोत्री जी डॉ. हेडगेवार स्मारक समिति के तत्वाधान में आयोजित दो दिवसीय चिंतन यज्ञ के प्रथम दिन के सत्र में संचार माध्यम विषय पर संबोधित कर रहे  थे. लाभ-मंडपम, अभय-प्रशाल में आयोजित कार्यक्रम की प्रस्तावना संयोजक विवेक गोरे जी ने रखी. प्रसिद्ध रंगकर्मी राजेंद्र जी देशमुख ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की. मुख्य अतिथि शिव सिंह जी मेहता थे. अतिथियों का स्वागत डॉ. हेडगेवार स्मारक समिति के अध्यक्ष ईश्वर हिंदुजा जी ने किया, कार्यक्रम का संचालन प्रो. सोनाली नरगुंदे जी ने किया और आभार प्रदर्शन दीपक श्रीवास्तव जी ने किया.

Saturday, March 04, 2017

मेरठ में भी केरल सरकार को बर्खास्त करने की मांग

मेरठ (विसंकें). केरल में माकपा सरकार और कार्यकर्ताओं द्वारा राजनीति के नाम पर खूनी खेल खेला जा रहा है. अब अत्याचारों की परिसीमा हो चुकी है. अतः इस सरकार को तुरंत बर्खास्त किया जाए, यह मांग राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र संघचालक डॉ. दर्शनलाल अरोड़ा जी ने की. प्रान्त संघचालक सूर्यप्रकाश जी ने कहा कि केरल से राष्ट्रवादी विचारधारा को समाप्त करने का लगातार प्रयास किया जा रहा है, लेकिन यह विचारधारा जीवंत रहेगी.
केरल में माकपा सरकार के संरक्षण में कार्यकर्ताओं द्वारा हिंसा की राजनीति के विरोध में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मेरठ की ओर से विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया. इस अवसर पर आयोजित ‘सभा’ में संघ के प्रान्त प्रचार प्रमुख अजय मित्तल ने कहा कि साम्यवादी विचारधारा का इतिहास प्रारंभ से ही राष्ट्र विरोधी रहा है. केरल में माकपा सरकार के संरक्षण में हिंदू राष्ट्रवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं की हत्याएं की जा रही हैं. न केवल हत्याएं की जा रही हैं, बल्कि अन्य अत्याचार भी किए जा रहे है. राज्य की सरकार संविधान को कुचल रही है, जिसे हटाना आवश्यक हो चुका है. केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन स्वयं केरल में हुई स्वयंसेवक की पहली हत्या के आरोपी रहे हैं. उन्हें अपने पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है. केरल को दूसरा कश्मीर बनाने के प्रयास जारी हैं. केंद्र सरकार को चाहिए कि केरल के पुलिस तंत्र को सशक्त करे.
सभा के उपरांत हजारों स्वयंसेवकों ने काली पट्टियाँ बांधकर संघ कार्यालय शंकर आश्रम शिवाजी मार्ग से चलकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर केरल सरकार को बर्खास्त करने की मांग करने वाला ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा जो प्रधानमंत्री, गृहमंत्री भारत सरकार एवं राज्यपाल, उत्तर प्रदेश को संबोधित है. विरोध प्रदर्शन में संघ परिवार के अन्य संगठन एवं बड़ी संख्या में राष्ट्रवादी विचारधारा के कार्यकर्ता शामिल हुए.

गुरमेहर कौर को धमकी देने वाले गिरफ्तार हों – स. बृजभूषण सिंह बेदी जी

संघ अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता व महिला सम्मान के प्रति संकल्पबद्ध
जालंधर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने मांग की कि गुरमेहर कौर मामले की पूरी तरह निष्पक्षता से जांच हो और उनको धमकी देने के आरोपी को गिरफ्तार कर गुरमेहर को पूरी सुरक्षा दी जाए. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पंजाब प्रांत संघचालक स. बृजभूषण सिंह बेदी जी ने कहा कि संघ विचारों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और महिला सम्मान के प्रति पूरी तरह संकल्पबद्ध है.
प्रेस को जारी विज्ञप्ति में प्रांत संघचालक स. बेदी जी ने कहा कि संघ महिलाओं का सम्मान करने वाली उस भारतीय संस्कृति का पक्षधर है, जिसका पालन करते हुए शिवाजी महाराज ने अपने शत्रु की पत्नी को भी माता कह कर संबोधित किया था. किसी भी महिला या युवती के प्रति असम्मानजनक शब्दों का प्रयोग करना या धमकी देना हमारी संस्कृति के खिलाफ है.
उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि इस मामले की गहराई से जांच की जाए और दोषी व्यक्ति वह चाहे किसी भी दल या संगठन से संबंधित हो, उसके खिलाफ विधि अनुसार कार्रवाई की जाए. उन्होंने जिला प्रशासन से भी मांग की कि गुरमेहर कौर को पूरी तरह से सुरक्षा उपलब्ध करवाई जाए. संघचालक जी ने कहा कि हमारे गुरुओं के फरमान ‘सो कियू मंदा आखिये जितु जंमहि राजान’ का अक्षरश: पालन करते हुए संघ हर महिला का सम्मान करता है और ‘भै काहू कउ देत नहि नहि भै मानत आन’ के तहत न तो किसी को भयभीत करता है और न ही किसी का भय मानता है.

Friday, March 03, 2017

वामपंथियों ने इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पढ़ाया – वासुदेव देवनानी जी

जयपुर (विसंकें). शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी जी ने कहा कि भारत के इतिहास को वामपंथियों ने तोड़-मरोड़ कर पेश किया है. इतिहास में बताया जाता रहा है कि अकबर महान थे, जबकि अब तक हुए शोध में सामने आया है कि महाराणा प्रताप महान थे. जिन्होंने मुगलों से युद्ध लड़कर संघर्ष का एक कीर्तिमान स्थापित किया. वे शुक्रवार को पाथेय कण (पाक्षिक) पत्रिका के हल्दी घाटी युद्ध विशेषांक के लोकार्पण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि यदि हल्दीघाटी युद्ध में अकबर विजयी होता तो जीतने के बाद प्रताप से छह बार युद्ध क्यों करता? इतिहास गवाह है कि जीते हुए किले पर बार-बार आक्रमण नहीं किया जाता. भारत महान है, भारत को यूं ही महान नहीं कहा जाता है. सीमा पर लड़ने वाले सैनिक को भी बाद में शहीद का दर्जा दिया जाता है, तो फिर महाराणा प्रताप महान क्यों नहीं हुए, जो अपनी मातृभूमि के लिए लड़े वही महान हैं.
उन्होंने कहा कि 21 जून को आयोजित विश्‍व योग दिवस भारत को विश्‍व गुरु बनाने की ओर पहला कदम है. सन् 2020 तक भारत विश्‍व गुरु के रूप में स्थापित होगा. वामपंथी निजी स्वार्थ के चलते गलत इतिहास को लिखते व पढ़ाते हैं. मैकाले चाहता था कि हिन्दुस्तान में ऐसी युवा पीढ़ी तैयार हो जो केवल क्लर्क बन कर काम करे. हम राष्ट्र विरोधी ताकतों से लगातार लड़ रहे हैं, एक दिन राष्ट्रवादियों की ही जीत होगी क्योंकि जीत हमेशा सत्य की ही होती है.
पाथेय कण के संपादक कन्हैयालाल चतुर्वेदी जी ने प्रस्तावना रखते हुए कहा कि पाथेय कण समाज जागरण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. हमारा प्रयास है कि समाज को सही शिक्षा एवं दिशा मिले. इसीलिए पाथेय कण में शोध किये गये लेख एवं विचार प्रकाशित किये जाते हैं. पाथेय कण संस्थान के अध्यक्ष गोविन्द प्रसाद अरोड़ा ने मुख्य अतिथि वासुदेव देवनानी का साफा पहना कर स्वागत किया. सह सचिव मेघराज जी ने आगन्तुकों का आभार व्यक्त किया.

Thursday, March 02, 2017

केरल में ¨हसा पर मानवाधिकार सुरक्षा मंच का प्रदर्शन

 राउरकेला : केरल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 52 वर्षीय कार्यकर्ता संतोषकुमार की हत्या को मानवाधिकार का हनन बताते हुए मानवाधिकार सुरक्षा मंच राउरकेला की ओर से बुधवार को नगर निगम कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन करने के साथ साथ धरना दिया गया। मंच की ओर से आरोप लगाया गया कि वर्ष 2016 से केरल में बामपंथी सरकार के सत्ता में आने के बाद कुछ खास संगठन से जुड़े लोगों पर अत्याचार किया जा रहा है। राज्य में खुलेआम लोकतंत्र व मानवता के खिलाफ काम हो रहा है। ऐसा करने वालों पर कार्रवाई के बजाय सरकार एवं प्रशासन की ओर से इसे बढ़ावा दिया जा रहा है। केरल में पलक्कुड़ में राधाकृष्ण के घर पर आग लगाकर पति पत्नी को जालने, तिरुअनंतपुरम में अनिल कुमार की हत्या, कन्नूर में रेमिथ उड्थमन व श्री विष्णु की हत्या, कन्नूर एम दिनेश, सीके रामचंद्रन की हत्या, चित्तूर में प्रमोद हत्याकांड इसका उदाहरण होने की बात कही। मंच की ओर से इसका विरोध किया गया एवं सरकार की ओर से कठोर कार्रवाई की मांग की गई। इसमें मानवाधिकार कार्यकर्ता सर्वेश्वर दास, अखंडमंडल पंडा, विश्विश्वर मिश्र, अमूल्य मिश्र, राजकुमार नाथ, शंकर पंडा, अरुण मंडल, प्रदीप महंता, जगदीश खडंगा, राजेश्वर मंडल आदि लोग शामिल थे। विभिन्न स्लोगन लिखे बोर्ड लेकर वे धरना पर बैठे

Wednesday, March 01, 2017

गांव के विकास से ही होगा देश का विकास

गांव के विकास से ही होगा देश का विकास

ग्राम विकास इकाई व खुशहाली फाउंडेशन ने जींद, हांसी व सोनीपत में बांटे 50 हजार पौधे
विश्व संवाद केंद्र, हरियाणा। ग्राम विकास इकाई द्वारा रसोई वाटिका के अंतर्गत प्रांत के जींद, सोनीपत व हांसी जिलों में पौधा रोपण अभियान चलाया गया। प्रांत के तीन जिलों में लगभग दस हजार घरों में 50 हजार पौधे वितरित किए गए। खुशहाली फाउंउेशन द्वारा पौधे मुहैया करवाने का कार्य किया गया। एक घर में पांच पौधे दिए गए।
ग्रामसभा सेवक समूह के जिला जींद ग्राम विकास टोली के प्रमुख जितेंद्र ने बताया कि खुशहाली फाउंडेशन द्वारा फल फ्रूट के पौधे जैसे अमरूद अनार आंवला और नींबू के पौधे बांटे गए। इस मौके पर जींद जिले में 21 गांव की ग्राम विकास टोलिया मौजूद रही। हर गांव से सात-सात स्वयंसेवक उपस्थित रहे। इनके द्वारा 21 गांव में कम से कम 200 घरों में जाकर पौधा रोपण किया गया। जींद जिले में 20 हजार पौधे वितरित किए गए। इस अवसर पर मुख्य सलाहकार हरियाणा सरकार डॉ. योगेंद्र मलिक भी मौजूद रहे। डॉ. मलिक ने बताया कि कैसे हम स्वस्थ रह सकते हैं। किन मौसमी फलों के कारण हमारे शरीर में हो रही बीमारियों को कैसे कम किया जा सकता है। हांसी के ग्राम विकास प्रमुख सुरेंद्र आजाद ने बताया कि हांसी में 15 हजार पौधे वितरित किए गए। इसके अलावा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ग्राम प्रचारक ग्राम विकास के प्रांत प्रचारक कुलदीप भी मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि सोनीपत जिले में 15 हजार पौधे वितरित किए गए हैं और तीनों जिलों में मिलाकर 50 हजार पौधे वितरित किए गए हैं। कुलदीप ने बताया कि कैसे हम मिलकर अपना तथा गांव का विकास कर सकते हैं और गांव में रोजगार और शिक्षा को कैसे बढ़ावा दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हमारे गांव के विकास से ही देश का विकास होगा। एक अच्छी नस्ल के पौधे बांटे गए हैं, जो पर्यावरण को स्वच्छ बनाने के साथ अच्छी सेहत भी प्रदान करेंगे।

ODIA FEATURE RAKTA RANJITA KERAL




protest and submission of memorandum to Governor of Odisha against the human killing spree at keral by CPM.