चैत्र कृष्ण पक्ष द्वादशी, कलियुग वर्ष ५११६
आतंकी संगठन आईएस ने इन बच्चों को ‘नई पीढ़ी का शेर’ बताया। दरअसल, इन दिनों आईएस महिलाओं को ‘पाक लड़ाई’ के नाम पर अपने बच्चों को बम के साथ तस्वीर खिंचवाने के लिए कह रहा है। गौर करने वाली बात यह भी है कि बीते काफी वक्त से आईएस को छोड़ने वाले समर्थकों की संख्या बढ़ी है। ऐसे में अब आईएस गरीब परिवारों से २० हजार रुपए में उनके बच्चे खरीद रहा है।
मासूमों को आतंक की राह पर ढकेलने के लिए इस्लाम विरोधी कहानियां सुनाकर भड़काया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, आईएस हर महीने करीब ३०० बच्चों को आतंकी ट्रेनिंग देने के लिए भेज रहा है। इन बच्चों को ४५ दिनों के प्रशिक्षण के बाद जंग लड़ने के लिए भेज दिया जाता है।
स्त्रोत: नईदुनिया
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