उन्होंने तड़के सवा तीन बजे अंतिम सांस ली. पद्मविभूषण से सम्मानित अयंगर के परिवार में एक बेटा और एक बेटी हैं. महान योग गुरू को श्वास लेने में गंभीर परेशानी के चलते 12 अगस्त को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उनका उपचार करने वाली डा. दीपाली मांडे ने यह जानकारी दी.
उन्होंने बताया, ‘‘वह करीब तीन सप्ताह से बीमार चल रहे थे लेकिन इसके बावजूद वह अस्पताल में भर्ती नहीं होना चाहते थे. अयंगर को दिल की बीमारी भी थी. उनकी तबीयत लगातार खराब होती गई और गुर्दे फेल होने के बाद उन्हें डायलिसिस पर रखा गया.’’ डॉक्टर ने बताया, ‘‘अंतिम समय में वह अचेत जैसी अवस्था में थे.’’
उन्होंने कहा, ‘‘ उनकी कुछ खाने की भी इच्छा नहीं हो रही थी.’’ अयंगर को विश्व के अग्रणी योग गुरूओं में से एक माना जाता है और उन्होंने योग के दर्शन पर कई किताबें भी लिखी थीं जिनमें ‘‘लाइट ऑन योग’’, ‘‘लाइट ऑन प्रणायाम’’ और ‘‘लाइट ऑन दी योग सूत्राज ऑफ पतंजलि’’ शामिल हैं.
No comments:
Post a Comment