फाल्गुन शुक्ल पक्ष प्रतिपदा, कलियुग वर्ष ५११६
पाकिस्तान में हिन्दुआेंपर हो रहे अत्याचारोंका यह परिणाम है ।
वाघा सीमा से पाकिस्तान में प्रवेश करने पर तीर्थयात्रियों का स्वागत पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति और एवेक्यु ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड के अधिकारियों ने किया। यह बोर्ड पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों के धर्म स्थलों के रखरखाव के लिए जिम्मेदार है।
बोर्ड के उप निदेशक (धर्म स्थल) फराज अब्बास ने कहा कि बोर्ड को १०० से ज्यादा हिंदुओं के पहुंचने की उम्मीद थी। इसी के मुताबिक बंदोबस्त भी किए थे, लेकिन सिर्फ २१ तीर्थयात्री ही पहुंचे।
हिंदुओं के कम संख्या में पाकिस्तान पहुंचने से बोर्ड पदाधिकारियों को निराशा भी हुई है। चकवाल जिले के ९०० साल पुराने हिंदू मंदिर में भारत से गए लोग करीब तीन दिन ठहरेंगे।
स्त्रोत : नवभारत टाइम्स
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