फाल्गुन शुक्ल पक्ष प्रतिपदा, कलियुग वर्ष ५११६
उन्होंने बताया कि पिछले आठ महीनों के दौरान सरकार को विभिन्न संस्थाओं की ओर से एक लाख से अधिक प्रतिवेदन मिल चुके हैं। इनमें से कई प्रतिवेदन राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और संसद सदस्यों को भेजे गए थे, जिन्हें आवश्यक कार्रवाई के लिए कृषि मंत्रालय के पास भेज दिया गया।
गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग सभी आवेदनों में की गई है। इसके अलावा धार्मिक उत्सवों के दौरान हजारों स्वस्थ गायों की हत्या और पड़ोसी देशों में इसकी तस्करी पर रोक लगाने की मांग भी की गई है।
स्त्रोत : नई दुनिया
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