Monday, April 17, 2017

भारत विकास परिषद संबलपुर शाखा की शपथ ग्रहण समारोह

संबलपुर :
भारत विकास परिषद संबलपुर शाखा की ओर से रविवार को महानदी क्लब परिसर में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। इसमें परिषद के नए कार्यकर्ताओं ने शपथ ली। प्रदेश इस मौके पर मुख्य रूप से अध्यक्ष जगत मोहन खुंटिया, महासचिव पूर्णचंद्र खुंटिया, सचिव प्रफुल्ल दास व कार्यकारी सचिव श्रीधर साहू उपस्थित थे।
परिषद के नए शाखा अध्यक्ष डॉ. विनोद बिहारी नायक, सचिव इंजीनियर दीपक पृष्ठि, उपाध्यक्ष सत्यव्रत पति और कोषाध्यक्ष सुरेश डालमिया ने शपथ ग्रहण के साथ ही आगामी कार्यक्रमों की भी संक्षिप्त जानकारी दी।

दंगा फैलाने के आरोप में सत्ताधारी दल बीजद के वार्ड 15 के पार्षद शुभंकर महापात्र को गिरफ्तार

 भुवनेश्वर  : सोशल मीडिया में हिंदू देवी- देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी पर भद्रक में फैली दंगे की आग अब धीरे- धीरे सामान्य हो रही है। सोमवार को सुबह छह से शाम छह बजे तक क‌र्फ्यू में ढील दी गई। स्कूल- कॉलेज भी खुलने लगे हैं। लोग जरूरत की खरीदारी के लिए बाजारों में पहुंच रहे हैं।
इधर, दंगाइयों की तलाश में जुटी पुलिस को सफलता मिली है। पुलिस ने दंगा फैलाने के आरोप में सत्ताधारी दल बीजद के वार्ड 15 के पार्षद शुभंकर महापात्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उनके खिलाफ पुलिस ने दंगा फैलाने एवं हत्या के प्रयास जैसे दो संगीन मामले दर्ज किए हैं।
भद्रक के एसपी अनूप साहू ने दंगा फैलाने वाले आरोपियों को गिरफ्तार करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उनके निर्देश के आधार पर भद्रक टाउन थाना आइआइसी (थाना प्रभारी) मनोज राउत, ग्रामांचल थाना आइआइसी सुदर्शन गांगेई एवं पुराने बाजार के आइआइसी हरेकृष्ण दास के नेतृत्व में शहर के विभिन्न जगहों पर पुलिस छापेमारी कर रही है।

Sunday, April 16, 2017

Odisha News


ओड़िया साहित्य का स्वर्णकाल था पंचसखा युग : डॉ. बसंत

भुवनेश्वर : अखिल भारतीय साहित्य परिषद ओडिशा शाखा क्षेत्र की साहित्य आलोचना बैठक शैलश्री बिहार सरस्वती शिशु मंदिर हुई। इसमें उत्कलीय नववर्ष परंपरा व पंचसखा युग के अवदान पर चर्चा हुई। बैठक में शामिल सात जिलों 23 प्रतिनिधियों ने दो सत्र में इन विषयों पर अपने विचार रखे। प्रो. रघुनाथ पंडा की अध्यक्षता चले प्रथम सत्र में ओड़िया नववर्ष को बुद्धिजीवियों ने सांस्कृतिक धरोहर बताते हुए इस दिन बनने वाले पड़ा की विधि को वैज्ञानिक बताया। एन दास ने कहा कि समाज को एक सूत्र में बांधने के लिए मनीषियों द्वारा पर्व व त्योहार की परिकल्पना की गई है। परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. नरेश चंद्र पाणी की अध्यक्षता में हुए दूसरे सत्र में पंचसखा युग पर चर्चा हुई। इसमें डॉ. बसंत पंडा ने पंचसखा युग को ओड़िया साहित्य का स्वर्णकाल बताते हुए कहा कि इस काल में लोक साहित्य की रचना हुई जो बाद में ओड़िया भाषा का आधार बनी। सारला दास की ओड़िया महाभारत हो या फिर जगन्नाथ दास की भागवत अथवा अच्युतानन्द दास की हरिवंश हो या फिर बलराम दास की दाडी रामायण, ये सभी ग्रंथ हमारे जनमानस को आंदोलित करने वाली कृतियां साबित हुई। इसके बाद परिषद के साधारण संपादक संतोष महापात्र के संयोजन में काव्य गोष्ठी भी हुई। जिसमें युवा कवियों ने अपनी- अपनी रचनाएं सुनाई। -