Sunday, November 29, 2015

भारत में पत्रकारिता की परंपरा गौरवशाली रही है – बलदेव भाई शर्मा

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मेरठ (विसंकें). भारत की पत्रकारिता की परम्परा गौरवशाली रही है. पत्रकारिता के इतिहास में इसके अनेकों उदाहरण हैं. विश्व संवाद केन्द्र द्वारा आयोजित दो दिवसीय पत्रकारिता प्रशिक्षण वर्ग के उद्घाटन सत्र पर बोलते हुए नेशनल बुक ट्रस्ट ऑफ इण्डिया के चेयरमैन बलदेव भाई शर्मा ने कहा. उन्होंने मुख्य वक्ता के रूप में सम्बोधित करते हुए कहा कि पत्रकारिता जीवन का बहुत बड़ा मिशन है, सही अर्थों में यदि पत्रकारिता है तो सिर्फ और सिर्फ राष्ट्र का जागरण करना है. लेकिन आज मीडिया में भ्रम की स्थिति पैदा हो गयी है. विचारों के नाम पर इस जगत में प्रदूषण फैलाया जा रहा है. ये सब बंद होना चाहिये.
प्राचीन भारत के पत्रकारों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि युगल किशोर शुक्ललोकमान्य तिलक से लेकर गणेश शंकर विद्यार्थीदीनदयाल उपाध्यायअरविन्द घोष तक के पत्रकारों ने देश में पत्रकारिता से राष्ट्र जागरण की अलख जगायी थी. कलम के बल पर स्वाधीनता दिलाने में स्वतंत्रता सेनानियों की भांति कार्य किया. सामाजिक सरोकार व लोगों की मदद के लिये नवोदित पत्रकारों को बलदेव भाई ने बताया कि आम आदमी एक पत्रकार के पास अपनी समस्या के हल के लिये बड़ी उम्मीद लेकर आता है. हमें उसकी समस्या दूर करने का अथक प्रयास करना चाहिये. उसके आंसू पोंछना ही असली समाजसेवा होती है. यही एक पत्रकार का ध्येय भी है.
दूसरे सत्र में चौ. चरण सिंह विश्वविद्यालय पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष मनोज कुमार श्रीवास्तव ने शिक्षार्थियों को ग्रामीण पत्रकारिता के गुर सिखाये. दूसरे सत्र की अध्यक्षता विश्व संवाद केन्द्र न्यास के महामंत्री श्री श्यामबिहारी ने की. तीसरे सत्र में लोकसभा टीवी के एंकर रामवीर उपाध्याय ने छात्रों को इलैक्ट्रोनिक मीडिया के विषय में अवगत करवाया. वर्ग के प्रथम दिन के अन्तिम सत्र को आईआईएमटी के पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष डॉ. नरेन्द्र मिश्र ने छात्र एवं छात्राओं को विज्ञप्ति एवं पत्रलेखन के विषय में बताया. दो दिवसीय पत्रकारिता प्रशिक्षण वर्ग में विभिन्न जिलों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया. कार्यक्रम का संचालन चौ. चरण सिंह विश्वविद्यालय के प्रेस प्रवक्ता डॉ. प्रशांत ने किया. सत्र की अध्यक्षता विश्व संवाद केन्द्र न्यास के अध्यक्ष आनन्द प्रकाश अग्रवाल एवं रूद्रा ग्रुप के चेयरमैन सोमेन्द्र तोमर ने की.
DSCN5490दो दिवसीय पत्रकारिता प्रशिक्षण वर्ग में अन्तिम दिन छात्रों को सोशल मीडिया के विषय में बताया गया. इस अवसर पर विशेषज्ञ मधुर जी ने छात्रों को कहा कि सोशल मीडिया एक बहुत तेज गति से बढ़ने वाला क्षेत्र है. क्षेत्र में आने वाले समय में बड़ी क्रांति आने की सम्भावना है. सोशल मीडिया से आज लोगों का जीवन जुड़ चुका है. पत्रकारिता के छात्रों को इस क्षेत्र में रोजगार की बड़ी सम्भावना उपलब्ध है. सोशल मीडिया के कारण पिछले दिनों इजिप्ट की राजसत्ता का तख्तापलट होते हुए पूरे विश्व ने देखा है. फेस बुकट्वीटरवाट्सअपयूट्यूब जैसी सोशल साइट्स में रोजगार की अपार सम्भावनाएं हैं.
कार्यक्रम में अध्यक्षीय भाषण में सुभारती विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अरविन्द कुमार ने कहा कि पत्रकारिता के नये छात्रों को समाज का हित देखकर आगे बढ़ना चाहिये. सोशल मीडिया का दुरुपयोग नहीं करना चाहिये. दूसरे सत्र में राष्ट्रदेव के सम्पादक अजय मित्तल जी ने भारत की गौरवशाली परम्परा विषय पर कहा कि भारत जैसा देश विश्व में कहीं नहीं है. नये पत्रकारों को हिन्दुत्व को जानने के लिये अध्ययन की जरूरत है. उन्होंने 1966 में आये भारत के चीफ जस्टिस गजेन्द्र गड़कर के फैसले को पढ़ने का आग्रह किया. सुभारती विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष डॉ. नीरज कर्ण सिंह ने छात्रों को सांस्कृतिक राष्ट्रवाद से रूबरू कराया. अन्तिम सत्र में मैमोरी गुरू सुधांषु मित्तल ने नवोदित पत्रकारों को मैमोरी बढ़ाने के गुर सिखाये. सीखने को आदत बना लेना चाहिये.

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