Tuesday, July 03, 2012

उद्योगों के विकास के लिए फैक्ट्री लाइसेंस प्रणाली को सरल किया जाए

उद्योगों के विकास के लिए फैक्ट्री लाइसेंस प्रणाली को सरल किया जाए

तारीख: 7/2/2012 4:02:01 PM

$img_title(विश्व संवाद केंद्र, इन्द्रप्रस्थ)

नई दिल्ली, 2 जुलाई 2012 : लघु उद्योग भारती दिल्ली प्रदेश तथा एच.डी.एफ.सी बैंक के संयुक्त तत्वाधान में १ जुलाई, रविवार को दीनदयाल शोध संस्थान नई दिल्ली में सम्मेलन आयोजित किया। दिल्ली में उद्योगपतियों को नए उद्योगों के लिए लाइसेंस प्राप्ति में होने वाली कठिनाइयों तथा इससे नई पीढ़ी का उद्योगों से विमुख होकर नौकरी पर निर्भर होना सम्मेलन का मुख्य विषय रहा।

सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तरी दिल्ली नगर निगम की महापौर श्रीमति मीरा अग्रवाल उपस्थित थीं| उनके साथ लघु उद्योग भारती के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और वर्तमान में दिल्ली प्रदेश के सहसंघचालक डॉ. श्याम सुन्दर अग्रवाल, लघु उद्योग भारती दिल्ली प्रदेश के अध्यक्ष श्री मनोहर लाल ध्वन, लघु उद्योग भारतीय के राष्ट्रीय महासचिव श्री ओमप्रकाश मित्तल कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि के नाते मंचासीन थे।

$img_titleमंच से बोलते हुए श्री मनोहर लाल ध्वन ने कहा, कि उद्योगपतियों को उद्योगों के लाइसेंस प्राप्त करने में होने वाली कठिनायों को दूर करना ही इस सम्मेलन का उद्देश्य है। इन कठिनाइयों तथा इंस्पैक्टर राज के कारण ही युवा वर्ग स्वयं का उद्यम आरम्भ करने से अपने कदम पीछे खींच रहा है। श्री ध्वन के कहा कि हम सभी को मालूम है कि सन 1991 में भारत सरकार ने एक अर्थिक उदारीकरण की नीति का आरम्भ किया था, जिसका मूल उद्देश्य ही था इंस्पैक्टर राज तथा लाईसेंस प्रणाली को चरणबद्ध रूप से समाप्त करना।

$img_titleलघु उद्योग भारती की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सदस्या श्रीमती अंजू बजाज ने लघु उद्योग भारती के बारे में जानकारी कार्यक्रम में आए अतिथियों को दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्र की प्रगति के लिए उद्योगों के विकास के लिए लघु उद्योग भारती का गठन किया गया। लघु उद्योग भारती ने उद्यमियों के लिए सिडबी के माध्यम से एक करोड़ रु. तक के ॠण की व्यवस्था की है।

लघु उद्योग भारती के दिल्ली प्रदेश सचिव श्री विरेन्द्र नागपाल ने फैक्ट्रियों के लिए आनलाईन लाइसेंस प्राप्त करने के लिए दिल्ली नगर निगम की वेबसाइट की विसंगतियों के बारे में विस्तार पूर्वक बताया तथा सम्मेलन में आए निगम के फैक्ट्री लाइसेंस विभाग के डिप्टी कमिशनर श्री एस.एन. राणा को अवगत कराया।

कार्यक्रम के अंत में श्री एस.एन. राणा ने उद्योगपतियों के प्रश्‍नों के उत्तर दिए एवं उनको लाइसेंस प्राप्ति में होने वाली कठिनाइयों को समाप्त करने का भरोसा दिलाया।

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