Saturday, November 05, 2016

बांग्लादेश में 15 हिन्दू मंदिरों को ध्वस्त किया, सैकड़ों घरों में लूटपाट व आगजनी

ढाका. बांग्लादेश में ब्राह्मणबरिया के नसीरनगर में जिहादी तत्वों ने काली पूजा और दीपावली की खुशियां मना रहे हिन्दू समुदाय के सैकड़ों घरों में लूटपाट और आगजनी को अंजाम दिया. इतना ही नहीं रविवार को दोपहर में दर्जनों हिन्दू मंदिरों को भी नष्ट कर दिया. नसीरनगर बांग्लादेश का एक उपजिला है. बताया जाता है कि जिहादियों का यह गुस्सा कुछ दिन पूर्व की एक फेसबुक पोस्ट के कारण फूटा, जिसमें ढाका का काबा कहे जाने वाली मस्जिद अल हरम के साथ भगवान शिव को दर्शाया गया था.
फेसबुक पोस्ट के विरोध में कट्टरपंथी मुस्लिमों ने ठीक दीपावली के दिन उपजिला मुख्यालय पर दो अलग-अलग प्रदर्शनों का आयोजन किया. प्रदर्शनकारी फेसबुक पोस्ट डालने के आरोपी रसराजदास को फांसी देने की मांग कर रहे थे. माना जाता है कि हिन्दुओं के खिलाफ हिंसा भड़काने के पीछे कट्टरपंथी संगठन जमात-शिबिर, हिफाजत-ए-इस्लाम और अहले सुन्नतवाल जमात का हाथ है.
नसीरनगर पूजा कमेटी के महासचिव खैलपद आचार्य का आरोप है कि कम से कम 15 हिन्दू मंदिरों को जमींदोज कर दिया गया और लगभग 200 हिन्दू घरों में लूटपाट और तोड़फोड़ की गई. नसीरनगर हिन्दू-बौद्ध ईसाई ओइक्या परिषद के अध्यक्ष आदेश देव ने भी 15 मंदिरों को लूटने और नष्ट करने की बात दोहराई. देव ने कहा कि इस सांप्रदायिक हमले में कई भक्त घायल भी हुए. पुलिस मूक दर्शक बनी तमाशा देखती रही, उसने लूटपाट रोकने का कोई प्रयास नहीं किया. बाद में बीजीबी प्लाटून तैनात की गई, लेकिन तब तक भारी तबाही और नुकसान हो चुका था.
ब्राह्मणबरिया के पुलिस अधीक्षक मिज़नुर रहमान ने पांच सात हिन्दू मंदिरों में आठ मूर्तियाँ तोड़े जाने की बात स्वीकार की. उनके अनुसार ‘करीब 150 – 200 लोग इस हमले और लूटपाट में शामिल थे. लेकिन हैरत की बात यह है कि पुलिस ने केवल छह लोगों को हिरासत में लिया है.
महिलाओं सहित 100 से अधिक हिन्दू लोगों को जेहादी हमलावरों द्वारा पीटा गया, जबकि केवल छह लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है. रिपोर्ट के अनुसार, महाकाल पैरा के गौर मंदिर के पुजारी शंकर सेन को गंभीर रूप से घायल अवस्था में नसीरनगर के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है.
सदर पश्चिम पाड़ा के जगन्नाथ मंदिर, नमाशुद्र पाड़ा के कालीबाड़ी मंदिर, महाकाल पाड़ा के दुर्गा और शिव मंदिर, दत्ता पाड़ा के दत्ताबाड़ी मंदिर और सूत्रधर पाड़ा में महाकाली मंदिर लगभग ध्वस्त कर दिये गये, मंदिर का कोष और क़ीमती आभूषण तथाकथित शांतिदूतों द्वारा लूट लिया गया. सैंकड़ों की तादाद में आये इन लुटेरों के हाथों में स्थानीय बनाये आग्नेयास्त्र, तलवार, लोहे की छड़ और लाठियां थीं. घटना के बाद प्रदर्शनों के आयोजनकर्ता अब एक दूसरे पर दोषारोपण कर अपना पल्ला झाड रहे हैं. अहले सुन्नतवाल जमात के नसीरनगर इकाई के संयोजक रियाजुल करीम ने कहा कि हिफाजत-ए-इस्लाम के लोगों ने हिन्दू समुदाय पर हमला किया, जबकि हम लोग तो शांतिपूर्ण रैली कर रहे थे.
बांग्लादेश में कट्टरपंथी इस्लामी तत्वों द्वारा हिन्दू अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न में इन दिनों भारी वृद्धि हुई है. जमात-ए-इस्लामी, हिफाजत-ए-इस्लाम, अवामी उलेमा लीग, हिजबुल तहरीर, अहले सुन्नतवाल जमात आदि सभी संगठन उत्पीड़न में बराबर के गुनाहगार हैं. न केवल हिन्दू बल्कि बौद्ध, ईसाई और आदिवासी अल्पसंख्यक भी आक्रान्ता मानसिकता का सामना कर रहे हैं.

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