Saturday, November 12, 2016

संघ के प्रयास से हजारों गांवों में समरसता का वातावरण बना है – डॉ. कृष्ण गोपाल जी

शिमला (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल जी ने कहा कि संघ समाज में छुआछूत समाप्त करने के लिए बड़े पैमाने पर कार्य कर रहा है. उसके प्रयासों से हज़ारों गावों में समरसता हुई है और अब उनके मंदिर, शमशान व जलस्रोत अलग अलग नहीं, बल्कि एक हैं. ये प्रयास अब और तेज़ किए जा रहे हैं. अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के बारे में उन्होंने कहा कि वहां राम मंदिर बनना निश्चित है. अभी यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है और आशा है कि कोई अच्छा रास्ता निकलेगा.
डॉ. कृष्ण गोपाल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा शिमला में आयोजित एक परिचर्चा में संबोधित कर रहे थे. चर्चा में समाज के प्रबुद्धजनों ने हिस्सा लिया, जिनमें पूर्व जज, सेवानिवृत्त सैन्य, प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी, कई विश्वविद्यालयों के कुलपति व प्रोफेसर, साहित्यकार, सामाजिक कार्यकर्ता, विभिन्न धार्मिक व स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि और अन्य गणमान्य नागरिक शामिल थे.
सह सरकार्यवाह जी ने कहा कि जातिगत छुआछूत के खिलाफ संघ का अभियान 1925 से चल रहा है और लगातार गति पकड़ रहा है. संघ भेदभाव को लेकर सर्वेक्षण करता रहता है और उसके आधार पर अपने प्रयास तेज करता है. इसीलिए गाँवों में बदलाव आ रहा है. जम्मू कश्मीर राज्य को लद्दाख, जम्मू और कश्मीर घाटी को तीन अलग अलग केंद्र शासित क्षेत्रों में बांटने के विचार पर देश में अभी एक राय नहीं है. उन्होंने कहा कि पाक अधिकृत कश्मीर के प्रतिनिधित्व के लिए जम्मू – कश्मीर विधानसभा और देश की संसद में सीटें प्रतीकात्मक रूप से भरने की ज़रुरत है. वहां से विस्थापित होकर आए लोग फिलहाल राज्य विधान सभा और संसद में पाक अधिकृत कश्मीर का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं.
नशाखोरी के मुद्दे पर डॉ. कृष्ण गोपाल जी ने कहा कि इसके विरुद्ध पहली लड़ाई परिवार से शुरू होनी चाहिए. गोसंरक्षण समय की आवश्यकता है. भारत से अब गोवंश के मांस का निर्यात बिल्कुल बंद हो चुका है, सिर्फ भैंस के मांस का निर्यात होता है, जिसे अंग्रेजी में “कारा बीफ” कहा जाता है.

परिचर्चा में राज्य के पूर्व मुख्य सूचना आयुक्त भीमसेन जी ने कहा कि गोरक्षा एवं संवर्धन का दायित्व मंदिरों को उठाना चाहिए. उन्होंने प्राथमिक तथा माध्यमिक शिक्षा में सुधार का सुझाव दिया. सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल एचएस लिडडर का कहना था कि राष्ट्रवाद को परिभाषित किया जाना चाहिए. राष्ट्रवाद समय की आवश्यकता है. हिप्र विश्वविद्यालय के प्रो. अजय श्रीवास्तव ने जम्मू- कश्मीर के लद्दाख, जम्मू और कश्मीर को अलग अलग केंद्रशासित क्षेत्र बनाने की मांग पर संघ का विचार जानना चाहा. पूर्व पुलिस महानिदेशक आईडी भंडारी ने कहा कि भारत को चीन के साथ बराबरी के दर्जे से बात करनी चाहिए और अक्साईचिन पर चीन के अवैध कब्जे को छुड़ाने का मुद्दा उठाना चाहिए.
सतलुज जल विद्युत् निगम के निदेशक कार्मिक नंदलाल शर्मा ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने और गोमांस के निर्यात पर प्रतिबन्ध लगाने का सुझाव दिया. हिप्र विश्वविद्यालय के इक्डोल के निदेशक प्रो. प्रदीप वैद ने नशे की बुराई को दूर करने पर अधिक ध्यान देने पर ज़ोर दिया. सेवानिवृत्त मेजर जनरल सीएम शर्मा ने कहा कि सामाजिक अभियानों में जनता की भागीदारी और बढ़नी चाहिए.
चार्टर्ड अकाउंटेंट राजीव सूद ने युवाओं और अनुसूचित जाति के लोगों को संघ के कार्यो में अधिक संख्या में शामिल करने की बात कही. प्रो. चमनलाल गुप्ता ने कहा कि शिक्षकों की शिक्षा में सुधार होना चाहिए. पूर्व शिक्षा निदेशक श्यामसुन्दर ने राजनीति में शुचिता लाने पर ज़ोर दिया. वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश लोहुमी ने कहा कि संघ ने जातिप्रथा दूर करने में महत्वपूर्ण योगदान किया है. कार्यक्रम में मंच पर प्रान्त संघचालक कर्नल रूपसिंह और सह प्रांत संघचालक डॉ. वीरसिंह रांगड़ा जी उपस्थित थे.

No comments: