Friday, January 30, 2015

सुदर्शन सेवा संस्थान ने आयोजित किया पाणिग्रहण कुंभ


जोधपुर सर्वजातीय सामूहिक विवाह समारोह
जोधपुर सर्वजातीय सामूहिक विवाह समारोह
जोधपुर (विसंके). बसंतपंचमी के शुभावसर पर सुदर्शन सेवा संस्थान की ओर से कमला नेहरू नगर स्थित आदर्श विद्या मंदिर केशव नगर परिसर में सर्वजातीय सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया गया.
सामाजिक समरसता के अनूठे आयोजन में 51 दूल्हों की बारात जूना खेड़ापति हनुमान मंदिर से और 50 दूल्हों की बारात रावण का चबूतरा मैदान से रवाना हुई. एक साथ दूल्हों की बारात के दृश्य ने राह चलते लोगों का ध्यान भी अपनी तरफ आकर्षित किया. बारात विभिन्न मार्गों से होते हुये विवाह स्थल “श्रुतम्” आदर्श विद्या मंदिर पहुंची. जहां आयोजकों ने बारातियों का स्वागत किया.
समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रान्त संघचालक ललित जी शर्मा, महिला एवं बाल कल्याण राज्यमंत्री अनीता भदेल, भाजपा के वरिष्ठ नेता ओंकार सिंह लखावत, जोधपुर नगर निगम के महापौर घनश्याम ओझा ने संबोधित किया. अतिथि गणों का परिचय संस्थान के उपाध्यक्ष निर्मल गहलोत ने करवाया. मंच संचालन मंत्री नथमल पालीवाल ने किया.

जोधपुर सर्वजातीय सामूहिक विवाह समारोह
जोधपुर सर्वजातीय सामूहिक विवाह समारोह
भव्य पंडाल में सजाये गये मंडपों में 101 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे
पाणिग्रहण संस्कार का अद्भुत कार्यक्रम देखते ही बन रहा था. १०१ कुटिया बनाई गई थी जहाँ दूल्हे-दुल्हनों तथा परिवारजनो के बैठने की उचित व्यवस्था की गई थी, हर वैवाहिक मंडप में एक पण्डित था जो पाणिग्रहण संस्कार को पूर्ण करवा रहा था. मुख्य पंडित राजेश दवे पंडाल के मध्य एक मंच से मंत्रोच्चारण कर रहे थे. पाणिग्रहण संस्कार के पश्चात सामूहिक भोजन की व्यवस्था भी की गई थी.
सुदर्शन सेवा संस्थान के अध्यक्ष रतन लाल गुप्ता “काका” ने बताया कि सुदर्शन सेवा संस्थान का गठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एवं सहकार भारती की प्रेरणा से तीन वर्ष पूर्व सेवा एवं सहकार के लिये किया गया था. महामंत्री कमलेश गहलोत ने प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुये बताया कि वर्तमान में विवाह समारोह में आर्थिक प्रदर्शन एवं दहेज़ प्रथा की समस्याओं के चलते सामान्य व्यक्ति को वैवाहिक कार्यक्रम को पूर्ण करने में कठिनाई अनुभव करता हैं. सुदर्शन सेवा संस्थान ने सर्व सामान्य वर्ग को आडम्बरपूर्ण एवं दहेज़ प्रथा से मुक्त हो स्वाभिमान से अपने पुत्र-पुत्रियों के पाणिग्रहण संस्कार को सम्पन्न करवाने की पहल की है. समाज में समानता, समरसता एवं एकात्मता का भाव उत्पन्न करने के उद्देश्य से सर्वजातीय सामूहिक विवाह करने का निर्णय लिया गया था, जिसे समाज ने स्वीकारा और उत्साहजनक परिणाम के कारण इस बार १०१ जोड़े परिणय सूत्र में बंधे, गत वर्ष भी अक्षय तृतीया के दिन ५७ जोड़ों का सामूहिक विवाह करवाया गया था.
जोधपुर सर्वजातीय सामूहिक विवाह समारोह
जोधपुर सर्वजातीय सामूहिक विवाह समारोह
सामूहिक विवाह के कार्यक्रम में प्रत्येक वधु को उसके नाम से १० हजार रूपये की सावधि जमा (Fixed Deposit) राजस्थान सरकार के समाज कल्याण विभाग द्वारा दी गई. सुदर्शन सेवा संस्थान द्वारा प्रत्येक नवदम्पति को घर संचालन हेतु काम आने वाली वस्तुएं भी भेंट की गई.
सामूहिक विवाह में पंजीयन के लिये लड़के एवं लड़की के जन्म प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र , ४-४ फोटो सहित पंजीयन प्रपत्र भर कर, लड़के, लड़की, माता-पिता अथवा सरंक्षक तथा दो गवाह के हस्ताक्षर करने विवाह हेतु पंजीयन किया जाता हैं. कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रान्त प्रचारक मुरलीधर जी, प्रांत संघचालक ललित कुमार जी शर्मा, प्रान्त कार्यवाह जसवंत जी खत्री, सह प्रान्त कार्यवाह श्याम मनोहर जी, महाधिवक्ता नरपत मल जी लोढ़ा, सांसद गजेंद्रसिंह शेखावत, राज्यसभा सदस्य नारायण पंचारिया, उपमहापौर देवेन्द्र सालेचा, विधायक कैलाश भंसाली, सूर्यकांता व्यास, तथा जोगाराम पटेल, अतिरिक्त महाधिवक्ता कान्ति लाल जी ठाकुर, श्रीकिशन गहलोत, नन्द लाल भाटी सहित अनेक गणमान्य लोग पहुंचे और नव 

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